scorecardresearch
 

RO ARO Paper Leak: कैसे पता चला, पेपर लीक हो गया... उम्मीदवारों ने बताई पूरी कहानी

उत्तर प्रदेश में समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी की भर्ती परीक्षा के पेपर लीक को लेकर हंगामा हो रहा है. छात्रों का कहना है कि हमारे पास सारे सबूत हैं जिन्हें उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश कार्मिक विभाग के द्वारा जारी की गई मेल आईडी पर भी भेज दिया है.

Advertisement
X
RO Paper Leak
RO Paper Leak

RO ARO Paper Leak: यूपी पुलिस सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले के बाद अब UPPSC RO/ARO भर्ती परीक्षा के परीक्षार्थी भी पेपर लीक मामले में बड़ी राहत की उम्मीद कर रहे हैं. पेपर लीक के खिलाफ आंंदोलन कर रहे उम्मीदवारों का कहना है कि उनके पास सारे सबूत हैं और उनकी मांग है कि परीक्षा निरस्त कर देनी चाहिए.

Advertisement

बता दें कि कार्मिक विभाग ने बीते 11 फरवरी 2024 को हुई समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी की भर्ती परीक्षा में शिकायतों को लेकर समीक्षा शुरू कर दी है. शासन ने अभ्यर्थियों से 27 फरवरी तक पेपर संबंधी आपत्तियों को सबूत के साथ मांगा है. 

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की आरओ-एआरओ की परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों ने दावा किया कि परीक्षा होने से पहले ही पेपर लीक हो गया है, जिसको लेकर कई दिनों से अभ्यर्थी हंगामा कर रहे हैं. आखिर अभ्यर्थियों के इस हंगामे के पीछे क्या तर्क है? क्या सबूत हैं, जिसके आधार पर पेपर लीक के आरोप पर परीक्षा रद्द करने की मांग की जा रही है. आइए जानते हैं. 

आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच पहुंची आजतक टीम 

आरओ-एआरओ परीक्षा का पेपर लीक होने का दावा क्यों किया जा रहा है, इसको जानने के लिए 'आजतक' उन अभ्यर्थियों के बीच पहुंचा, जिनके पास पेपर लीक परीक्षा से पहले ही पहुंच गया था और जिसकी शिकायत उन्होंने आयोग और उत्तर प्रदेश सरकार से भी की है. इन अभ्यर्थी में से एक हैं, लखनऊ के पवन कश्यप और राहुल त्रिवेदी, जिन्होंने अन्य छात्रों की तरह 11 फरवरी को लखनऊ ही यह परीक्षा दी थी. पवन का कहना है कि जैसे ही वे अपनी पहली शिफ्ट की परीक्षा देकर बाहर निकले तो उनके मोबाइल पर कैमस्कैनर के जरिए स्कैन किया हुआ एक पीडीएफ पहुंचता है. जिसमें पहली शिफ्ट के GS के साथ-साथ हिंदी का भी पेपर था जो दोपहर ढाई बजे से होना था. 

Advertisement

RO ARO Paper Leak

असली पेपर से मैच कर रहा था सोशल मीडिया पर वायरल पेपर

वायरल हुई पीडीएफ फाइल और परीक्षा में दिए गए प्रश्न पत्र का मिलान करने पर पता चला कि जीएस के पूछे गए 140 सवाल हुबहू एक जैसे थे. दूसरी पाली में हिंदी के पूछे गए 60 सवाल भी वही थे बस उनकी नंबरिंग अलग थी. इनका कहना था कि जिस पीडीएफ फाइल में पेपर लीक हुआ है उसको कैमस्कैनर से फोटो खींचने के बाद पीडीएफ बनाया गया है. कैमस्कैनर में तारीख और वक्त नीचे लिखा आता है. पेपर की पीडीएफ में तारीख 10 फरवरी 2024 साफ दिखाई दे रही थी और टाइम भी दोपहर के 1:00 बजे का लिखा हुआ था. पवन और राहुल के दावों के अनुसार तो आरओ का पेपर लीक 11 फरवरी की परीक्षा से पहले 10 फरवरी को ही दिन में 1 बजे लीक हो गया था.

उम्मीदवार ने दिखाए पेपर लीक के सबूत

इतना ही नहीं राहुल त्रिवेदी ने एक मोबाइल के स्क्रीनशॉट और एक फोटो भी दिखाए हैं, जिसमें मोबाइल पर समय दोपहर के 12 बजकर 14 मिनट का साफ दिखाई दे रहा है, लेकिन भेजे गए मैसेज का समय सुबह 8 बजकर 24 मिनट शो हो रहा है. इस फोटो में तारीख 11 फरवरी की ही है. राहुल त्रिवेदी और पवन कश्यप का कहना है कि आंसर की भी लीक की गई थी. राहुल और पवन के पास वो सबूत हैं, जो हजारों बच्चों के मोबाइल पर मौजूद हैं और जिसको देखने के बाद यह बच्चे प्रयागराज से लेकर लखनऊ तक हंगामा कर रहे हैं. उम्मीदवारों की मांग है कि पूरी परीक्षा की शुचिता भंग हो चुकी है, परीक्षा रद्द की जाए. इन अभ्यर्थियों का कहना है कि हमने अपने सभी सबूत उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश कार्मिक विभाग के द्वारा जारी की गई मेल आईडी पर भी भेज दिए हैं, लेकिन मांग परीक्षा रद्द करने की ही है.
 

Live TV

Advertisement
Advertisement