जयपुर में सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 के पेपर लीक मामले को लेकर विरोध उग्र हो गया है. अभ्यर्थी सरकार से परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं और इस मांग के समर्थन में जयपुर में पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से बातचीत की मांग कर रहे हैं. 24 घंटे से इन्होंने ना खाना खाया है और ना ही पानी पीया है मगर भजनलाल सरकार के तरफ़ से बातचीत करने कोई नहीं आ रहा है. अभ्यर्थियों का कहना है कि स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) द्वारा चार्जशीट में यह स्पष्ट हो चुका है कि पेपर लीक हुआ था और कई थानेदारों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है. ऐसे में परीक्षा को रद्द क्यों नहीं किया गया है, इस पर छात्र सवाल उठा रहे हैं.
डीसीपी ने टंकी पर चढ़कर अभ्यर्थियों से की बात
इस मामले को लेकर इलाक़े के डीसीपी तेजस्वी गौतम ने टंकी पर चढ़े प्रदर्शनकारी छात्र विकास विधुड़ी से बातचीत की, लेकिन छात्र मुख्यमंत्री से बातचीत पर अड़े हुए हैं. छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा. यह आंदोलन पिछले कई महीनों से चल रहा है, और अभ्यर्थी इस भर्ती को रद्द कराने के लिए संघर्षरत हैं.
पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने इस मामले में छात्रों का समर्थन किया है. उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सरकार की ओर से गठित कमेटी और कई मंत्री भी परीक्षा को रद्द करने की सिफारिश कर रहे हैं, तो सरकार अब तक इस मामले में निर्णय लेने से क्यों हिचक रही है। पायलट ने इसे सरकार की "कन्फ्यूजन और असंवेदनशीलता" करार दिया है.
अभ्यर्थियों का कहना है कि RPSC के सदस्य बाबूलाल कटारा ने परीक्षा से 1 महीना पहले ही पेपर आयोग के सदस्यों को बांट दिया था. उन्होंने कहा कि RPSC के अध्यक्ष डॉ भूपेंद्र सिंह, संजय क्षोत्रिय और सदस्य मंजू शर्मा को गिरफ्तार करो , SOG द्वारा कोर्ट में पेश चार्जशीट मेंइन पर आरोप है, इन्हें आखिर कब तक बचाओगे भजनलाल जी?
सरकार का मैनेजमेंट देखिए SI भर्ती 2021 में SOG, पुलिस मुख्यालय, एडवोकेट जनरल ओर मंत्रियों की कमेटी द्वारा भर्ती रद्दकी रिपोर्ट देने बाद भी आखिर भर्ती रद्द का फैसला क्यों नहीं ?पेपर लीक के मुख्य आरोपी यूनिक भांभू ओर सुरेश ढाका की गिरफ्तारी न होने के बावजूद भी 13 से अधिक FIR, 50 ट्रेनीथानेदारों सहित कुल 160 गिरफ्तारियां. SOG ने सभी गैंगों ( जिनमें हरियाणा गैंग, पौरव कालेर गैंग, राजेंद्र गैंग, हर्षवर्धन गैंग) को बंद कर दिया है लेकिन सरकार भर्तीरद्द न कर इनको बचाने का कार्य कर रही है.
कैबिनेट मंत्री KK बिश्नोई ने अपने चहेतों के लिए पेपर खरीदा, फर्जीवाड़े से नौकरी लगवाई और उन्हीं लोगों के प्रभाव में आकरभर्ती निरस्त नहीं करने के लिए मुख्यमंत्री पर उसका दबाव है साथ ही सीएम दफ़्तर के आलाधिकारी के दबाव में आकर भजनलालसरकार यह भर्ती रद्द नही कर रही है आखिर ऐसा क्या दबाव है. इतना सब कुछ होने के बाद , 1 महीने पहले पेपर लीक होने की बाद भी संवेदनहीनता की पराकाष्ठा देखिए सरकार इस भर्ती को रद्द नहीं कर रही..आखिर क्यों ??
9सरकार की इस निरंकुशता ओर हठधर्मिता के आगे हम योग्य और मेहनती युवाओं के पास जान देने के अलावा कुछ नहीं बचा.आखिर फिर से बड़ा सवाल सरकार इस भर्ती पर कब फैसला करेगी. अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार योग्य और मेहनती युवाओं की उपेक्षा कर रही है और उन्होंने चेतावनी दी है कि वे अपना विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रखेंगे जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं.