सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में बिगड़ती वायु गुणवत्ता के मामले पर सुनवाई के दौरान यूपी सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि कल मंगलवार से ही सभी स्कूल बंद करने का निर्णय लिया गया है. बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए और छात्रों की सेफ्टी के लिए यह अदम कदम उठाया गया है. इसके अलावा ग्रैप-4 भी लागू कर दिया गया है.
यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि ग्रेप 4 लागू कर दिया गया है और NCR के दायरे में आने वाले जिलों के स्कूल कल से बंद होंगे. ASG अर्चना पाठक दवे ने कोर्ट से कहा कि मुझे निर्देश मिले हैं कि 90 से 95 प्रतिशत पराली जलाना बंद हो गया है. वकील गोपाल शंकर नारायण ने कोर्ट से कहा कि CAQM में ऐसे लोगों की बहुतायत है, जिन्हें कोई अनुभव नहीं है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि AQI 12 नवंबर को ही खतरे का निशान यानी 300 के पार हो गया था. इसके 400 पार होने के भी काफी बाद grap 4 आज लागू किया गया.
शुक्रवार को होगी सुनवाई
इस मामले पर पूरी तरह सुनवाई शुक्रवार को होनी है. सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान जब गोपाल शंकर नारायण ने कहा कि दिल्ली में दसवीं से निचली क्लास तक के छात्रों को फिजिकल क्लास से छूट दी गई है. सिर्फ ऑनलाइन क्लास चल रही है. लेकिन यूपी में ऐसा नहीं किया गया. कोर्ट ने कहा कि आज तो हम दिल्ली की बात करते हैं. शुक्रवार को एनसीआर की करेंगे.
उत्तर प्रदेश में कैसी है हवा की स्थिति
बदले मौसम और घने कोहरे की वजह से नोएडा, ग़ाज़ियाबाद, मेरठ, हापुड़ समेत कई जिलों में हवा बेहद जहरीली हो गई है. चारों तरफ स्मॉग की चादर छाई हैं. जिससे विजिबिलिटी भी काफी कम है. नोएडा के सेक्टर 62 में सोमवार सुबह हवा का एक्यूआई लेवल यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स 443 तक दर्ज किया गया तो ख़तरनाक श्रेणी में आता है. वहीं ग़ाज़ियाबाद के लोनी इलाके में हवा में प्रदूषण का आईक्यूआई लेवल 442 रहा.
ग्रेटर नोएडा भी इससे अछूता नहीं है. ग्रेटर नोएडा में हवा का एक्यूआई लेवल आज 375 तक रहा जो बेहद गंभीर स्थिति में आता है. मेरठ के पल्वपुरम में हवा में प्रदूषण 359 दर्ज किया गया. हापुड़ में हवा का एक्यूआई लेवल 384 दर्ज किया गया. राजधानी लखनऊ की हालत भी बेहद खराब हैं, जहां प्रदूषण ने लोगों का सांस लेना मुश्किल कर दिया है. लखनऊ के लालबाग इलाके में प्रदूषण 330 तक दर्ज किया गया है जो बहुत खराब श्रेणी में आता है.