मध्य प्रदेश के नीमच जिले में एक टीचर की बदौलत सरकारी स्कूल को चॉकलेस बना दिया गया. स्कूल में अनेक नवाचार कर जिले में ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में एक अनूठी पहचान बनाई है. स्कूल की सभी कक्षाएं स्मार्ट बोर्ड की सहायता से संचालित होती हैं.
नीमच जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय थड़ोली की यहां बात हो रही है. टीचर निर्मल राठौर की नवाचारों के चलते आज स्कूल में सभी टीचर स्मार्ट बोर्ड, यू-ट्यूब और आईसीटी का बहुतायत से इस्तेमाल कर पढाते हैं. साथ ही स्कूल में होने वाली गतिविधियों को यू-ट्यूब पर डालकर पैरेंट्स को भेजते हैं.
यहां कई और भी नवाचार किए गए हैं, जिसमें स्कूल को भयमुक्त बनाने के लिए दीवारों बेहतर पेंट से रंगा गया है और एक आकर्षक गार्डन भी बनाया गया है. गार्डन में बच्चों को सामान्य ज्ञान याद कराने के लिए पौधों पर संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों और अधिकारियों के नाम लिखवाए गए हैं. जिन्हें बच्चे रोज पढ़कर अपने आप याद कर लेते हैं.
इसी कड़ी में स्कूल में एक ऐसी लाइब्रेरी बनाई गई है, जिसकी तारीफ जिले और राजधानी भोपाल के अधिकारियों ने की है. यही नहीं, स्कूल का स्वयं का एक बैंड भी है, जिसे टीचर्स ट्रेंड करते हैं. अब बच्चे इस बैंड को संचालित करते हैं.
स्कूल ड्रेस कोड भी बहुत सुंदर और आकर्षक है. इस स्कूल में हाउस कांसेप्ट भी है मतलब हाउस ड्रेस, हाउस एक्टिविटी. सभी बच्चों के पास डिजिटल आई कार्ड उपलब्ध हैं. स्कूल में होमवर्क डायरी का पैटर्न भी है, जिसकी व्यवस्था जन-सहयोग से की गई है.
थड़ोली गांव के स्कूल से प्रेरित होकर संकुल और विकासखंड के कई स्कूलों ने इन नवाचारों को अपनाया है. इसके लिए टीचर निर्मल राठौर को राज्यपाल अवॉर्ड से सम्मानित भी किया जा चुका है.