ओडिशा के फूलबनी में 06 अक्टूबर को एक दर्दनाक हादसा हुआ. कंधमाल जिले में अपने गांव के पास एक पहाड़ी की चोटी पर एक ऑनलाइन ग्रुप स्टडी के लिए गए तीन किशोर बिजली की चपेट में आ गए. पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी. एक ग्रामीण ने बताया कि छात्र आमतौर पर डिजी हिलटॉप पर जाते हैं क्योंकि वहां आसानी से मोबाइल इंटरनेट का सिग्नल आता है और ऑनलाइन पढ़ाई हो जाती है.
बुधवार दोपहर राज्य की राजधानी भुवनेश्वर से 185 किलोमीटर दूर मुंडागाम गांव में खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी के कारण छात्र पहाड़ी की चोटी पर पढ़ाई के लिए इकट्ठे हुए थे. पुलिस ने कहा कि जब छात्र शाम तक घर नहीं लौटे, तो उनके माता-पिता उनकी तलाश में गए और तीनों को पहाड़ी की चोटी पर बेहोश पाया.
उन्हें ब्रह्मपाड़ा के पास एक सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. उपमंडल पुलिस अधिकारी उदयगिरि तिरुपति राव पटनायक ने कहा कि एक छात्र की हालत गंभीर है जबकि दो की हालत स्थिर है. पटनायक ने कहा कि तीनों को फूलबनी के जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. छात्रों की पहचान धीरेन दिगल (17), पिंकू मल्लिक (17) और पंचानन बेहरा (18) के रूप में हुई है. कंधमाल के मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोनोज उपाध्याय ने कहा कि उनकी हालत अब स्थिर है.
ऑनलाइन पढ़ाई अभी भी देश के अधिकांश बच्चों के लिए अभी भी बेहद मुश्किल है. खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी के चलते सुदूर इलाकों में जाकर बच्चों के पढने की खबरें आम हैं. पिछले साल अगस्त में भी केरल से एक मामला सामने आया था, जिसमें पढ़ाई के लिए बेहतर सिग्नल पाने के लिए स्टूडेंट पेड़ पर चढ़ा था और गिरकर घायल हो गया था. 15 वर्षीय छात्र इलाज के बाद ठीक हो गया था.