Sudha Murthy: इंफोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष सुधा मूर्ति किसी पहचान की मोहताज नहीं है. राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा के लिए उन्हें मनोनीत किया गया है, अब वो संसद के ऊपरी सदन की सदस्य बनेंगी. सुधा मूर्ति का जीवन काफी प्रेरणादायक है. शिक्षा के क्षेत्र में नाम रौशन करने से लेकर राज्यसभा का मेंबर बनने तक सुधा मूर्ति की उपलब्धियां याद करने लायक हैं.
देश की बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस के मालिक नारायण मूर्ति ने अपनी पत्नी सुधा मूर्ति से दस हजार रुपये लेकर कंपनी शुरू की थी. पत्नी के साथ और कड़ी मेहनत से उन्होंने इस कंपनी को बिलियन डॉलर तक पहुंचाया है. सुधा मूर्ति सिर्फ इंफोसिस फाउंडेशन के लिये ही नहीं बल्कि सामाजिक कार्य, परोपकार और शिक्षा सहित विविध क्षेत्रों में योगदान के लिये भी जानी जाती हैं.
इंजीनियरिंग कॉलेज की पहली महिला स्टूडेंट थीं सुधा मूर्ति
सुधा मूर्ति ने B.V.B कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीई किया था. उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान से कम्प्यूटर साइंस में एमटेक किया हुआ है. सुधा मूर्ति हमेशा से पढ़ाई में अव्वल रही हैं, उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री देवराज उर्स से स्वर्ण पदक भी मिला हुआ है. सुधा इंजीनियरिंग कॉलेज में 150 स्टूडेंट्स के बीच दाखिला पाने वाली पहली महिला थीं. यही नहीं, भारत की सबसे बड़ी ऑटो निर्माता कंपनी टेल्को में काम करने वाली पहली महिला इंजीनियर भी सुधा मूर्ति ही थीं.
NCERT की किताबें लिखेंगी सुधा मूर्ति
इसके अलावा सुधा मूर्ति का नाम एनसीईआरटी के पैनल में शामिल किया गया था. केंद्र सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर स्कूली सिलेबस में संशोधन करने और नया सिलेबस बनाने के लिए गठित की गई NCERT समिति में सुधा का नाम शामिल किया गया है. सुधा मूर्ति ने कई पुस्तकें लिखी हुई हैं. जैसे बुद्धिमान और अन्यथा, मैंने अपनी दादी को कैसे पढ़ना सिखाया और अन्य कहानियां, बकुला धीरे-धीरे गिरता है आदि किताबें लोगों के बीच काफी मशहूर हैं.
राज्यसभी मेंबर बनेंगी सुधा मूर्ति
सुधा मूर्ति को जीवन में एक और उपलब्धि हासिल हुई है. अब उनको राज्य सभा के लिए मनोनीत किया गया है. पीएम मोदी ने ट्वीट कर यह जानकारी शेयर की है. वहीं राज्यसभा के लिए मनोनीत होने पर सुधा मूर्ति ने खुशी जाहिर करते हूए कहा कि यह उनके लिए महिला दिवस का एक बड़ा उपहार है.