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National Youth Day: स्‍वामी विवेकानंद की जयंती के दिन मनाया जाता है राष्ट्रीय युवा दिवस, ये है वजह

विवेकानंद को धर्म, दर्शन, इतिहास, कला, सामाजिक विज्ञान, साहित्य का ज्ञान था. शिक्षा में निपुण होने के साथ-साथ वे भारतीय शास्त्रीय संगीत का भी ज्ञान रखते थे. उनके जन्मदिन के दिन राष्ट्रीय युवा दिवस मनाने का मुख्य लक्ष्य भारत के युवाओं के बीच स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और विचारों के महत्व का प्रसार करना है.

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Swami Vivekananda Jayanti 2022
Swami Vivekananda Jayanti 2022
स्टोरी हाइलाइट्स
  • स्वामी विवेकानंद का जन्म कोलकाता में हुआ
  • सांसारिक मोह-माया त्याग कर वे संन्यासी बन गए

Swami Vivekananda Jayanti 2022: हर साल 12 जनवरी को स्‍वामी विवेकानंद की जयंती मनाई जाती है. यह दिन देश के उन युवाओं को समर्पित किया जाता है, जो भारत के लिए एक स्वस्थ और बेहतर भविष्य को आकार देने की क्षमता रखते हैं.  स्वामी विवेकानंद का युवाओं से गहरा नाता था, इसलिए उनके जन्‍म दिवस को युवाओं के लिए समर्पित किया गया है. इस दिन को राष्ट्रीय युवा दिवस भी कहा जाता है. 

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स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था.  इनका असली नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था. वे वेदांत के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे. 25 साल की उम्र में विवेकानंद ने सांसारिक मोह माया त्याग दी थी और संन्यासी बन गए. 1881 में विवेकानंद की मुलाकात रामकृष्ण परमहंस से हुई. जिसके बाद वे पूरे विश्‍व में दार्शनिक और विचारक के तौर पर लोगों को प्रेरित करने लगे.     

विवेकानंद को धर्म, दर्शन, इतिहास, कला, सामाजिक विज्ञान, साहित्य का ज्ञान था. शिक्षा में निपुण होने के साथ-साथ वे भारतीय शास्त्रीय संगीत का भी ज्ञान रखते थे. उनके जन्मदिन के दिन राष्ट्रीय युवा दिवस मनाने का मुख्य लक्ष्य भारत के युवाओं के बीच स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और विचारों के महत्व का प्रसार करना है. स्वामी विवेकानंद एक महान समाज सुधारक, दार्शनिक और विचारक थे. वह देश भर के सभी युवाओं के लिए प्रेरणा थे. उनकी शिक्षा एवं आदर्शों को भारतीय युवाओं के लिए रोल मॉडल के रूप में पेश किया जाता है. 

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विवेकानंद की जयंती के दिन रामकृष्ण मठ, रामकृष्ण मिशन के केंद्र और उनकी शाखाओं में बहुत ही उत्साह के साथ कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. इस दिन देश भर के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में तरह-तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. देश के कोने-कोने में इस खास मौके पर रैलियां निकाली जाती हैं. 

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