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'ये तो एकदम मजाक है स्टूडेंट्स के साथ'... UGC NET रद्द होने पर भड़के अभ्यर्थी

नीट और यूजीसी नेट पेपर लीक की खबरों से छात्रों का शिक्षा मंत्री और एनटीए पर गुस्सा फूट रहा है. नेट के अभ्यर्थी प्रसेनजित का कहना है कि प्राइवेट एजेंसी के हाथ में देश की शिक्षा और परीक्ष क्यों दी है. स्टूडेंट्स के साथ मजाक हो रहा है.

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UGC NET
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Student on UGC NET Paper Leak: यूजीसी नेट परीक्षा कैंसिल होने के बाद अभ्यर्थी काफी नाराज हैं, उनका कहना है कि इस तरह की शिक्षा प्रणाली से बच्चों का नुकसान हो रहा है. सरकार को किसी प्राइवेट एजेंसी के हाथों में परीक्षाएं देनी ही नहीं चाहिए थीं, जिन्हें छात्रों के हित का ना पता हो. नाराज छात्रों का कहना है नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को खारिज कर देना चाहिए. 

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अपने नाम के आगे डॉक्टर लगाने और किसी विषय में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए अभ्यर्थी पीएचडी करते हैं. नामी संस्थान से पीएचडी करने के लिए कैंडिडेट को यूजीसी नेट की परीक्षा से होकर गुजरना पड़ता है. इस परीक्षा के जरिये सरकार की तरफ से जूनियर रिसर्च फेलोशिप भी दी जाती है. 19 जून को नेट की परीक्षा कैंसिल होने के बाद छात्रों को अपना करियर अंधकार में नजर आ रहा है, जिस परीक्षा की वे सालों से तैयारी कर रहे हैं उसी परीक्षा का पेपर लीक हो जाना हर किसी को सदमें में डाल रहा है. इस साल नेट की परीक्षा देने वाले छात्र प्रसेनजित ने aajtak.in से बातचीत में बताया कि छात्रों को इस घटना से कितनी ठेस पहुंची है. 

एनटीए ने त्रस्त आ चुके हैं छात्र

प्रसेनजित ने कहा कि नेट परीक्षा देने वाले जितने भी छात्र हैं, हम जैसे लाखों स्टूडेंट्स चाहे वे नीट के हो या नेट के वे सभी एनटीए से त्रस्त आ चुके हैं, उसके ऊपर से बिल्कुल भरोसा खत्म हो चुका है. नीट के बाद अब नेट को लेकर घोटाला हो रहा है और आने वाले समय में पता नहीं कौन कौन-से एग्जाम होंगे. लाखों स्टूडेंट्स आज देश में परेशान हैं. ये तो एकदम मजाक है स्टूडेंट्स के साथ, आप पेपर को पूरी तरह से रद्द कर दिए हैं और कह रहे हैं कि पेपर लीक की संभावनाए हैं. पूरी तरह से मार्केट में पेपर बिक रहा था. यह खुलेआम स्टूडेंट्स के साथ धोखा हो रहा है. परीक्षा की तैयारी और करियन बनाने के लिए स्टूडेंट का टाइम लिमिट होता है, इस सब चीजों से अभ्यर्थियों के समय की बर्बादी हो रही है.

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नेट स्कोर से सरकारी नौकरी करने वाले कैंडिडेट्स का नुकसान

नेट के बाट तमाम तरह की वेकेंसी थीं, लेकिन अब सब बर्बाद हो गया है. कितने स्टूडेंट्स इस परीक्षाओं को देने वाले थे, लेकिन नेट को ही रद्द कर दिया गया. यह साफ-साफ गैर जिम्मेदाराना व्यवहार हो रहा है. सरकार मानने को तैयार नहीं है कि एनटीए करप्ट संस्था बना गई है इस दौर में, सबसे पहले तो इस तरह प्रक्टिस ही गैर जिम्मेदाराना था कि इस प्राइवेट एजेंसी को पूरे देश की शिक्षा और परीक्षा को हवाले कर दिए. इस प्राइवेट एजेंसी की सरकार और जनता के प्रति कोई जवाबदेही नहीं है.

आज एनटीए ने सारे एग्जाम को बर्बाद करके रखा हुआ है. इसके बावजूद शिक्षा मंत्री उसको डिफेंड करने में लगा हुआ है. तुरंत इस एजेंसी को सीज करके उसके सारे पावर हाथ में ले लेने चाहिए और यही बात हम लोग कह रहे हैं. अब पता नहीं एग्जाम हो पाएगा या नहीं. अब तो पीएचडी का एंट्रेंस भी खत्म कर दिया है. सिर्फ नेट एग्जाम से सब कुछ निकालना है. आपकी संस्था पेपर लीक करवा रही है, सारे स्टूडेंट्स का भविष्य आज गर्त में है. प्रोसेनजीत इस साल जेएनयू या डीयू से पीएचडी करने का प्लान बना रहे थे लेकिन एनटीए ने सभी अभ्यर्थियों के अरमानों पर पानी फेर दिया. 

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18 जून को नीट परीक्षा देकर आए एक अभ्यर्थी े ने कहा कि परीक्षा केंद्र पर जो परीक्षक थे वह 12वीं पास लग रहे था. यही नहीं, एग्जाम सेंटर से निकलते हुए चेकिंग का काम एक बच्चे को दिया हुआ था. उनका कहना है कि यह अभ्यर्थियों के साथ काफी गलत हो रहा है. परीक्षा केंद्र पर बेल्ट उतरवाकर एग्जाम करवाया जा रहा है. 

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