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IIT-IIM से नहीं इस यूनिवर्सिटी से पढ़े छात्र को मिला 1.13 करोड़ रुपये का जॉब ऑफर

अक्सर ऐसे पैकेज आईआईटी या आईआईएम के छात्रों को मिलता है. वहीं एमटेक की डिग्री हासिल करने वाले छात्र साहिल अपने संस्थान के पहले ऐसे छात्र हैं जिन्हें किसी कंपनी से इतना बड़ा जॉब ऑफर मिला है.

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डीएवीवी के इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज (आईआईपीएस) के छात्र साहिल अली
डीएवीवी के इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज (आईआईपीएस) के छात्र साहिल अली

मध्य प्रदेश के इंदौर में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय विश्वविद्यालय (DAVV) के छात्र साहिल अली ने नीदरलैंड स्थित टेक्नोलॉजी फर्म एडयेन से 1.13 करोड़ रुपये का सालाना पैकेज हासिल करके अपने कॉलेज में रिकॉर्ड तोड़ दिया है. आईआईटी और आईआईएम प्लेसमेंट के चलन को तोड़ते हुए, साहिल, जिन्होंने डीएवीवी के आईआईपीएस कॉलेज से एमटेक की डिग्री पूरी की, फरवरी 2023 में एडयेन में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में शामिल हुए. 

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डीएवीवी में इतिहास रचते हुए साहिल अली की उल्लेखनीय उपलब्धि उन्हें इतना उच्च वेतन प्रस्ताव प्राप्त करने वाले डीएवीवी के पहले छात्र के रूप में चिह्नित करती है. उनकी एकेडमिक जर्नी में साहिल ने एक लक्ष्य बनाकर तैयारी की. 

साहिल ने डीएवीवी के इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज (आईआईपीएस) में पढ़ाई करके अपने करियर का रास्ता बनाया. विशेष रूप से, वह न केवल एक प्रतिभाशाली छात्र थे, बल्कि प्रौद्योगिकी से जुड़े विषय सीखने में हमेशा आगे रहते थे. डीएवीवी में उनकी सफलता पारंपरिक कथा को चुनौती देती है और संस्थागत टैग से अधिक कौशल और समर्पण के महत्व पर जोर देती है. एडयेन में साहिल को सॉफ्टवेयर इंजीनियर पद मिलने से पहले उन्होंने ईटबर्प डेवलपर्स, कोडेन्सियस, क्लिफ.एआई, ग्रीनडेक, पायथन सॉफ्टवेयर फाउंडेशन, गिटहब और क्रेड जैसे प्रमुख संगठनों में इंटर्नशिप के माध्यम से कई अनुभव प्राप्त किए. ये अनुभव तकनीकी उद्योग के विभिन्न डोमेन में उनकी बहुमुखी प्रतिभा और विशेषज्ञता को दर्शाते हैं. 

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साहिल अली की लिंक्डइन प्रोफ़ाइल के अनुसार उनमें विभिन्न कार्यक्षेत्रों में नेविगेट करने और उच्च प्रदर्शन वाले समाधान देने की क्षमता है. साहिल के मुताबिक वो एक स्नातक छात्र हैं जिन्हें बिंदुओं को जोड़ने में मजा आता है. चाहे वह विभिन्न विषयों के विचार हों, अलग-अलग टीमों के लोग हों या विभिन्न उद्योगों के अनुप्रयोग हों.

साहिल ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत और अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया. साहिल अली स्वीकार करते हैं कि प्लेसमेंट इंटरव्यू के लिए लंबी तैयारी की. उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय निर्बाध कड़ी मेहनत और अपने लक्ष्यों पर अटूट फोकस को भी दिया.आज जब गैर-आईआईटी प्लेसमेंट पर अक्सर किसी का ध्यान नहीं जाता, ऐसे में साहिल अली की जर्नी बताती है कि ट्रेडिशनल इंस्टीट्यूट से परे सफलता दिखाती है.

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