अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के कोर्ट के लिए सात सांसदों का चयन कर लिया है, जिनमें चार बीजेपी के विधायक भी शामिल हैं. विश्वविद्यालय द्वारा बुधवार को जारी एक अधिसूचना में बताया गया कि इन सांसदों को तीन साल की अवधि के लिए चुना गया है, जो 23 दिसंबर 2027 तक या उनके सांसद के कार्यकाल के समाप्त होने तक इस पद पर रहेंगे. बता दें कि विश्वविद्यालय ने अलीगढ़ के भाजपा सांसद सतीश कुमार गौतम, बुलंदशहर के भाजपा सांसद डॉ. भोला सिंह तीसरी बार कोर्ट सदस्य बनाए गए हैं.
इन सदस्यों में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क को भी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) कोर्ट का सदस्य बनाया है. वहीं, हाथरस सांसद अनूप प्रधान समेत 6 लोकसभा सदस्य अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी कोर्ट सदस्य बनाए गए हैं. लोकसभा और राज्यसभा से 10 सदस्य अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी कोर्ट सदस्य बनाए जाते हैं. एएमयू द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान के अनुसार, यह चुनाव शिक्षा मंत्रालय द्वारा 2 जनवरी 2025 को जारी एक अधिसूचना के आधार पर हुआ है. मंत्रालय के इस निर्देश के बाद सांसदों का चुनाव प्रक्रिया पूरी हुई है.
इस बार हाथरस जिले से भाजपा सांसद अनूप प्रधान, सहारनपुर के कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) के टीएमसी सांसद अबू ताहिर खान, संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क पहली बार कोर्ट सदस्य बने हैं. इन सभी की AMU कोर्ट में नियुक्ति तीन साल या लोकसभा सदस्य रहने तक रहेगी.
लोकसभा से चुने गए छह सांसद कौन हैं?
1. सतीश कुमार गौतम – बीजेपी के सांसद (अलीगढ़)
2. इमरान मसूद – कांग्रेस के सांसद (सहारनपुर)
3. जियारहमान – समाजवादी पार्टी के सांसद (संभल)
4. मोहम्मद हम्दुल्लाह सईद – कांग्रेस के सांसद (लक्षद्वीप)
5. भोला सिंह – बीजेपी के सांसद (बुलंदशहर)
6. अनूप प्रधान वाल्मीकी – बीजेपी के सांसद (हाथरस)
इसके अलावा, बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर को भी एएमयू के कोर्ट का सदस्य चुना गया है. वह 17 दिसंबर 2027 तक या राज्यसभा में अपनी सदस्यता समाप्त होने तक इस पद पर बने रहेंगे. इस चुनाव के बाद एएमयू के कोर्ट में इन सांसदों का योगदान महत्वपूर्ण रहेगा, क्योंकि एएमयू के कोर्ट का सदस्य बनने के बाद वे विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और शैक्षिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.