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40 प्रतिशत उम्मीदवारों ने छोड़ी मदरसा बोर्ड की परीक्षा, कहीं ये वजह तो नहीं?

मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा संचालित परीक्षा में नकल रोकने के लिए कक्ष में सीसीटीवी लगाए गए हैं. ऐसे में 40 प्रतिशत उम्मदीवारों ने परीक्षा छोड़ दी है. जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय का कहना है कि लगभग 60% कैंडिडेट पेपर देने आ रहे हैं. वहीं, 40% के आसपास कैंडिडेट्स ने अपनी परीक्षा छोड़ी है.

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UP Madrasa Board Exam
UP Madrasa Board Exam

CCTV के खौफ के चलते उत्तर प्रदेश के देवरिया में उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा संचालित परीक्षा में 1215 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी है. मात्र 60 प्रतिशत उम्मीदवार ही परीक्षा में शामिल हो रहे हैं. परीक्षा कक्ष में सीसीटीवी लगे होने से कैंडिडेट जरा-सी भी नकल नहीं कर पाएंगे, कहीं यही वजह तो नहीं है कि इस स्थिति को देखते हुए 1215 उम्मीदवार पेपर देने ही नहीं आए. 

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जिला अल्पसंख्यक अधिकारी ने बताया कि 3874 बच्चे इस सत्र में प्रंजीकृत थे, लेकिन 1215 बच्चों ने परीक्षा छोड़ दी है क्योंकि सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षाएं चल रही है. सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी, कामिल और फाजिल की परीक्षाएं जनपद के 16 केंद्रों पर आयोजित हो रही हैं. देवरिया जिले में वाइस रिकार्डर CCTV की निगरानी में 16 परीक्षा केंद्रों पर एग्जाम हो रहे हैं.

नकल रोकने के लिए की गईं ये तैयारियां

परीक्षा में कुल 3874 परीक्षार्थी इस सत्र में एग्जाम दे रहे थे. नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए 11 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं, जिसके अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक बनाये गए हैं. चार उड़न दस्ता बनाये गए हैं. जिला विद्यालय निरीक्षक, समाज कल्याण अधिकारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी इस मामले में शामिल हैं. परीक्षा केंद्रों की निगरानी लखनऊ कंट्रोल रूम से भी वेबकास्टिंग के जरिये की जा रही है.

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60 प्रतिशत उम्मदीवार ही परीक्षा देने पहुंचे

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय से आजतक से बातचीत में बताया कि उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद की बोर्ड की परीक्षाएं 13 फरवरी से चल रही हैं जो कि 21 फरवरी तक जारी रहेंगी. जनपद देवरिया में कुल 3874 बच्चे परीक्षा में सम्मिलित हुए हैं. जिसमें प्रथम पाली में 2584 बच्चे पंजीकृत थे. उसमें से 1042 बच्चे ऐसे हैं जो एब्सेंट हो रहे हैं. 1542 बच्चे प्रेजेंट हो रहे हैं, इसी प्रकार द्वितीय पाली में 1273 बच्चे पंजीकृत हुए हैं. इनमें से 173 बच्चे एब्सेंट हैं. बाकी उम्मीदवार परीक्षा देने पहुंचे हैं. लगभग 60% कैंडिडेट पेपर देने आ रहे हैं. वहीं, 40% के आसपास कैंडिडेट्स ने अपनी परीक्षा छोड़ी है.

यह परीक्षा निश्चित तौर पर बिल्कुल पारदर्शी तरीके से आयोजित की जा रही है. परीक्षा केंद्रो की सीसीटीवी से निगरानी में हो रही है. तो अब जो वाकई में पढ़ने वाले बच्चे हैं जो परीक्षा की पूर्ण तैयारी के साथ आ रहे हैं वही बच्चे परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं और परीक्षा नकल विहीन और शांतिपूर्ण तरीके से हो रही है.

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