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'UP सिपाही भर्ती परीक्षा में नकल कराने वालों की संपत्ति गरीबों में बटेगी, सीएम योगी ने कहा- कोई माई का लाल...

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुलिस भर्ती में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. नौजवानों की योग्यता पर सवाल और परीक्षा से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा. यदि किसी ने नौजवानों के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की उसकी संपत्ति कुर्क कर गरीबों में बांट दी जाएगी.

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CM Yogi on UP Police Constable Exam
CM Yogi on UP Police Constable Exam

यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा 2024 आज से शुरू हो चुकी है. उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड यह परीक्षा 23 अगस्त से 31 अगस्त तक दो पालियों में करवाएगा. पिछली बार परीक्षा में धांधली को देखते हुए सरकार ने री-एग्जाम का फैसला लिया था. इस बार परीक्षा में कोई गड़बड़ी ना हो इसके लिए सख्त नियम बनाए गए हैं. इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परीक्षा में नकल माफियाओं को संपत्ति कुर्क करने की चेतावनी दी है. 

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सीएम योगी ने नकल माफियाओं को लेकर क्या कहा?

मुज्जफरनगर में जनता को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 'दो लाख नौजवानों की नौकरी जिसकी शुरुआत 23 को 24 को 25 अगस्त को पुलिस भर्ती करने जा रहे हैं. मैं आप सभी नौजवानों से कहूंगा इस भर्ती की प्रक्रिया में भाग लीजिए, कोई माई का लाल आपकी योग्यता पर सवाल नही खड़ा कर सकता. जो ऐसा करेगा उसकी संपत्ति जप्त करेंगे और उस संपत्ति को गरीबों में बांटने का काम करेंगे'. बता दें कि परीक्षा में नकल करना या कराने वाले के खिलाफ नए कानून के तहत कार्रवाई होगी. योगी सरकार यूपी सार्वजनिक परीक्षा अध्यादेश 2024 लेकर आई है. इसके तहत पेपर लीक में दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास तक और एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.

हर तरफ पुलिस की नजर

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पुलिस सिपाही भर्ती में किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए CCTV कैमरों से चप्पे-चप्पे पर कड़ी नजर रखी जा रही है. सभी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. हर परीक्षा केंद्र पर एक कंट्रोल रूम होगा. जिले के सभी कंट्रोल रूम को जिलास्तर के मुख्य जिला कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है. सभी जिलों के कंट्रोल रूम पर स्टेट कंट्रोल रूम से नजर रखी जा रही है. कंट्रोल रूम पर अपर जिलाधिकारी स्तर का अफसर तैनात किए गए हैं. जितने भी सीसीटीवी लगाए जाएंगे उसकी लाइव मॉनिटरिग अधिकारी अपने फोन पर भी देख पाएंगे. पुरानी परीक्षाओं में जिन कैंडिडेट्स को या पिछले 12 सालों में जितने भी सॉल्वर गैग को पकड़ा गया है, उनपर भी पुलिस की नजर रहेगी.

जालसाजों को पकड़ने में ली जा रही AI की मदद

परीक्षा में अगर कोई ऐसा कैंडिडेट पाया जाता है जो किसी और की जगह परीक्षा देने आया हो तो उसका बच पाना मुश्किल है क्योंकि हर कैंडिडेट का वेरिफिकेशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से किया जाएगा. कैंडिडेट्स के फोटो को AI से क्रॉस चेक होंगे. यही नहीं पुराने फोटो को आधार के फोटो से मिलाया जाएगा ताकि कोई ये ना कहे कि आधार पर छपी तस्वीर पुरानी है. ब्लूटूथ डिवाइज पकड़ने के लिए भी अलग से चेकिंग की जाएगी.

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हर परीक्षा केंद्र पर आधा-आधा स्टाफ फॉर्मूला!

हर परीक्षा केंद्र पर सिर्फ आधा स्टाफ उसी सेंटर का और आधा स्टाफ दूसरे स्कूल या कॉलेज का होगा. परीक्षा केंद्र तक सेक्टर मैजिस्ट्रेट, कलेक्ट्रेट की ट्रेजरी पेपर पहुंचाएंगे. एग्जाम सेंटर पर स्टाफ के साथ-साथ पुलिस भी तैनात रहेगी.
 

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