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10वीं में फेल होने पर छोड़ रहे थे पढ़ाई, पिता की एक नसीहत ने बना दिया UPSC टॉपर

ईश्वर ने बताया कि वह सिविल सेवा परीक्षा में चौथे प्रयास में सफल हुए हैं. वर्ष 2019 में प्री में फेल हो गए थे जबकि 2020 में इंटरव्यू तक पहुंचे, मगर सफलता नहीं मिली. 2021 में फिर फेल हो गए फिर भी हताश नहीं हुए. अब चौथे प्रयास में 2022 की परीक्षा में 644वीं रैंक हासिल की है.

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UPSC Topper Ishwar Gurjar
UPSC Topper Ishwar Gurjar

UPSC Topper Ishwar Gurjar: सेकेंडरी स्कूल परीक्षा (कक्षा 10वीं) में फेल, सीनियर हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 68%, प्राइवेट से BA और सिविल सर्विसेज एग्जाम में तीन बार असफल होने के बाद भी राजस्‍थान के इस गांव के लड़के ने हार नहीं मानी. अपने चौथे प्रयास में UPSC में ऑल इंडिया 644वी रैंक हासिल करने वाले ईश्‍वर गुर्जर की कहानी हर किसी के लिए प्रेरणादायक है.

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यह कहानी है राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के भांबरा का बाडिया गांव के रहने वाले ईश्वर गुर्जर की, जिन्होंने परीक्षा में कम नंबर आने पर हताश होकर अपने प्रयास नहीं छोड़े और अपने पिता के मोटिवेशन से कामयाबी हासिल की. पिता सुवालाल गुर्जर खेती करते हैं जो बेटे की कामयाबी से गदगद हैं. ईश्‍वर में घर में पिता के अलावा माता सुखी देवी हैं जो गृहणी हैं. साथ ही दो बहने हैं जिनमें एक बहन भावना की शादी हो चुकी है जबकि छोटी बहन पूजा 12वीं कक्षा में पढ़ रही है.

10वीं में हुए थे फेल...
ईश्वर ने बताया कि साल 2011 में वे 10वीं कक्षा में फेल हो गए थे. इसके बाद उन्‍होंने पढ़ाई छोड़ने का मन बनाया, मगर किसान पिता सुवालाल ने कहा कि इतनी जल्दी पढ़ाई से घबराने की जरूरत नहीं है. एक बार फेल होने पर हिम्‍मत नहीं हारते. शिक्षा महत्‍व तुम आज भले न समझो पर भविष्‍य में जरूर समझोगे.

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इसके बाद ईश्वर ने 10वीं क्लास में दुबारा एडमिशन लेकर परीक्षा दी और साल 2012 में 54% अंकों से परीक्षा पास की. वह यहीं नहीं रुके, ज्ञानगढ़ की राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल से 12वीं परीक्षा 68% अंकों से पास की और 12वीं के बाद रेगुलर पढ़ाई न करके महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी अजमेर से प्राइवेट विद्यार्थी के रूप में BA पास किया. इसके बाद साल 2019 में ग्रेड थर्ड शिक्षक बनकर अपने गांव के पास ही रूपरा की राजकीय प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की.

बिना कोचिंग की तैयारी...
ज्ञानगढ़ के रहने वाले और ईश्वर के साले महेंद्र पाल गुर्जर हिमाचल प्रदेश काडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं और ससुर नाथूराम गुर्जर भी भीलवाड़ा में जिला कलेक्ट्रेट के पद पर तैनात हैं. दोनों ने उन्‍हें खूब मोटिवेट करने के साथ सहयोग भी किया. यूपीएससी परीक्षा के लिए उन्होंने कोई कोचिंग नहीं की. स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के बाद स्टाफ ने सहयोग किया और वह खुद तैयारी में जुट गए. 

ईश्वर ने बताया कि वह सिविल सेवा परीक्षा में चौथे प्रयास में सफल हुए हैं. वर्ष 2019 में प्री में फेल हो गए थे जबकि 2020 में इंटरव्यू तक पहुंचे, मगर सफलता नहीं मिली. 2021 में फिर फेल हो गए फिर भी हताश नहीं हुए. अब चौथे प्रयास में 2022 की परीक्षा में 644वीं रैंक हासिल कर अभी रुके नहीं हैं. रैंक सुधारने के लिए अभी फिर से परीक्षा देने वाले हैं.

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(भीलवाड़ा से प्रमोद तिवारी की रिपोर्ट)

 

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