उत्तर प्रदेश के संभल जिले के सरकारी स्कूल में भारत विकसित संकल्प यात्रा का कार्यक्रम होना था, लेकिन जब प्रशासन की ओर से टीम वहां पहुंची तो स्कूल में आवार पशुओं को बंधा हुआ पाया. भारत विकसित संकल्प यात्रा के प्रस्तावित कार्यक्रम वाली जगह पर आवारा पशुओं के बंद होने की जानकारी अफसरों तक पहुंची तो बनियाठेर थाना पुलिस और चंदौसी तहसील के नायब तहसीलदार के साथ गांव गई और पशुओं को बाहर निकाला गया. विद्यालय में भारत विकसित संकल्प यात्रा का कार्यक्रम पूरा किया गया.
इसी बीच गांव वालों ने स्कूल में पशु बंधे होने का वीडियो वायरल कर दिया. वीडियो के वायरल होते ही प्रशासनिक अफसरों ने आनन फानन में गांव में ग्रामीणों को समझाकर पशुओं को बाहर निकलवाया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कुछ लोगों के नाम भी नोट किए हैं.
जिले के दो स्कूल को बनाया 'गौशाला'
दरअसल, संभल जिले में दो गांवों में आवारा पशुओं ने आतंक मचा रखा है. जब गांव वालों ने परेशान होकर अपनी फसल को बचाने के लिए ग्राम पंचायत सचिव से फोन पर शिकायत की तो सचिव ने आवारा पशुओं को स्कूल में बंद करने की सलाह दी थी. इसके बाद सभी गांव वालों ने आवारा पशुओं को सरकारी स्कूल में और बिजली के खंबों से बांध दिया.
पहला मामला संभल जिले के पंवासा ब्लॉक के काजी बेहटा गांव का है. जहां शनिवार को काजीबेहटा गांव के प्राथमिक विद्यालय में यूपी सरकार का भारत विकसित संकल्प यात्रा का कार्यक्रम होना था, लेकिन आवारा पशुओं से परेशान ग्रामीणों ने खेतों से आवारा पशुओं को इकट्ठा करके गांव के प्राथमिक विद्यालय में ही पशुओं को बंद करके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.
दूसरा मामला रविवार को पंवासा ब्लॉक के ही बल्लमपुर गांव से सामने आया है. जहां बल्लमपुर गांव में खेतों में आवारा पशुओं से फसलों को बचाने के लिए रखवाली करने से तंग आकर किसानों ने पशुओं को इकट्ठा करके बल्लमपुर प्राथमिक विद्यालय में ही ले जाकर पशुओं को बांध दिया. प्राथमिक विद्यालय का परिसर छोटा था इसलिए कुछ पशुओं को बिजली से खंबे से बांध दिया गया है. इसी तरह गांव में कई जगह पर ग्रामीण पशुओं को इकट्ठा करके बांधा जा रहा है.
सरकारी स्कूलों को ही गौशाला बनाया
उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीणों को आवारा पशुओं से निजात दिलाने के लिए अफसरों को काफी समय पहले निर्देश देकर डेडलाइन भी तय की जा चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद भी ग्रामीणों को आवारा पशुओं के आतंक से राहत नहीं मिली थी. जिसके बाद ग्रामीणों ने सरकारी स्कूलों को ही गौशाला बनाना शुरू कर दिया है.
गावं वालों ने कही ये बात
बल्लमपुर गांव के ग्रामीण का कहना है कि गांव में किसानों के पास दो से तीन बीघा गेहूं की फसल है, लेकिन गाय उस फसल को खा रही है. अब दिन रात खड़े रहकर गायों से फसल की रखवाली कर रहे हैं, लेकिन जैसे ही मौका मिलता है तुरंत फसल का नुकसान कर देती हैं. ग्राम पंचायत सचिव से हमने इसकी शिकायत की थी तो उन्होंने ही हमसे गायों को स्कूल में बांधने के लिए कहा था और उसके बाद में खुद छुट्टी चले गए.