देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में शुक्रवार छात्रसंघ चुनाव के लिए वोटिंग संपन्न हुई. 4 साल बाद हुए छात्रसंघ चुनाव की वोटिंग से पहले बुधवार रात को प्रेजिडेंशियल डिबेट का आयोजन किया गया. आज भी दिनभर जेएनयू कैंपस में ढोल, नगाड़े, भारत माता की जय और वन्दे मातरम के नारे लगते रहे.
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने चुनाव में पक्षपात और धांधली की आशंका जताई है. एबीवीपी ने कहा कि सुबह वोटिंग का 2 घंटे बाद शुरू होना, चुनाव समिति के प्रबंधन की नाकामी को दर्शाता है. इस चुनाव प्रक्रिया में चुनाव समिति का पक्षपाती रवैया इस ओर संकेत करता है कि जहां भी वामपंथ बचा है, वहां लोकतंत्र सुरक्षित नहीं है.
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने चुनाव समिति से मांग की है कि कितने बैलेट पेपर छपे, कहां से छपे और कितने प्रयोग हुए, इस जानकारी को सार्वजनिक किया जाए. एबीवीपी ने कहा कि जेएनयू छात्रसंघ चुनाव प्रक्रिया के दौरान चुनाव समिति का पक्षपाती रवैया देखने को मिला है.
छात्र संगठन ने आरोप लगाया कि प्रेसिडेंशियल डिबेट के प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान अभाविप के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी उमेश चंद्र अजमीरा ने अपने भाषण के दौरान संदर्भ के तौर पर महात्मा गांधी का कथन 'एन आई फॉर एन आई मेक होल वर्ल्ड ब्लाइंड' का प्रयोग किया था, जिसको लेकर जेएनयू एसयू चुनाव समिति ने वाम छात्र संगठनों के साथ मिलकर उमेश के साथ दुर्व्यवहार करते हुए भाषण देने से भी रोक दिया था. इससे पता चलता है कि चुनाव समिति पूरे तरीके से वाम छात्र संगठनों के साथ सांठ-गांठ करके जेएनयू एसयू चुनाव के लोकतांत्रिक प्रक्रिया को तार-तार करते हुए चुनाव करा रही थी.
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जेएनयू के मंत्री विकास पटेल ने कहा कि अभाविप हमेशा से एक स्वस्थ और लोकतांत्रिक छात्रसंघ के लिए प्रयासरत रही है. हमारे प्रत्याशी, एबीवीपी द्वारा किए गए 5 वर्षों के कार्यों को लेकर विद्यार्थियों के बीच गए और हमें उनसे भरपूर समर्थन भी प्राप्त हुआ है. हम सभी परिस्थितियों में जेएनयू के छात्रों के साथ खड़े रहे हैं, जिसका प्रतिफल हमें 24 मार्च को जरूर मिलेगा. उन्होंने कहा कि इस चुनाव प्रक्रिया में चुनाव समिति का अलोकतांत्रिक और पक्षपाती रवैया देखने को मिला है. यह चुनाव समिति पूरे तरीके से वाम छात्र संगठनों के साथ मिलकर पक्षपात करते हुए जेएनयू का चुनाव करा रही है.