दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में चल रहे 12 फर्जी बोर्डों को लेकर
छात्रों और अभिभावकों को आगाह किया है. दिल्ली सरकार ने पेरेंट्स को आगाह
करते हुए फर्जी बोर्ड के नाम भी जारी किए हैं और बताया है कि दिल्ली में
कौन-कौन से बोर्ड मान्यता प्राप्त है...
दिल्ली के शिक्षा निदेशालय ने अपने एक आदेश में बताया है कि नगर में दिल्ली सरकार का कोई राज्य बोर्ड नहीं है. दिल्ली में शिक्षा निदेशालय ही सरकारी, निजी, सहायताप्राप्त और गैर सहायताप्राप्त स्कूलों का विनियमन करता है.
बता दें कि दिल्ली सरकार किसी भी बोर्ड को मान्यता नहीं देता है. इसका मतलब है कि दिल्ली सरकार का कोई बोर्ड नहीं है और इससे मिलते-जुलते नामों से बचने की जरूरत है, जिसमें दिल्ली सरकार का नाम जोड़ा गया है.
बता दें कि दिल्ली में सिर्फ तीन बोर्ड हैं. इनमें केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई), भारतीय स्कूल प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद (आईसीएसई) और राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षण संस्थान (एनआईओएस) शामिल हैं.
शिक्षा निदेशालय ने जिन बोर्डों को फर्जी घोषित किया है, उनमें उर्दू शिक्षा बोर्ड, ग्रामीण मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, दिल्ली बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन, सेंट्रल बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन आदि शामिल हैं.
दिल्ली में काम कर रहे अन्य फर्जी बोर्डों में हायर सेकेंडरी एजुकेशन बोर्ड, स्टेट काउन्सिल ऑफ सीनियर सेकेंडरी ओपन एजुकेशन, बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन आदि शामिल हैं.