विश्व पुस्तक मेले के दूसरे दिन यानी रविवार को छुट्टी के दिन मेले में पुस्तक प्रेमियों की भारी भीड़ देखने को मिली.
प्रगति मैदान में हो रहे इस मेले में इस बार 1500 स्टॉलों के साथ 800 प्रकाशक हिस्सा ले रहे हैं. इस बार हॉल नं 12 और 12 ए में हिंदी साहित्य की किताबें मौजूद है. वहीं हॉल नं 7 में थीम पवेलियन बनाया गया है. वहीं लोग क्षेत्रीय भाषाओं की किताबों को अधिक संख्या में खरीद रहे हैं.
इस बार पुस्तक मेले की थीम ' पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन' पर आधारित है.
ये मेला दिल्ली के प्रगति मैदान में लगा है. विश्व पुस्तक मेले के दूसरे दिन सभी उम्र के के पाठक अपनी पसंदीदा पुस्तकें खरीदते और यहां आयोजित हो रही विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेते नजर आए.
थीम मंडप पर पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन पर आधारित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए .
साथ ही साथ यूरोपीय संघ मंडप पर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए. कार्यक्रमों की शुरुआत 'भारत और स्लोवानिया के बीच सहयोग के अवसर' विषय पर आयोजित पैनल-विमर्श से हुई.
वहीं दूसरे दिन सेंटर फॉर स्टडीज ऑफ ट्रेडिशंस एंड सिस्टम्स ने मैथिली भोजपुरी अकादमी के सहयोग से मैथिली भाषा के साहित्य पर चर्चा का आयोजन किया.
मेले में बच्चों के लिए बने रोमांचक बाल मंडप पर अनेक गतिविधियां और कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.
यहां बच्चों के लिए यूरोपीय संघ के कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें लेखक एवं कलाकार, पाल श्मिट द्वारा बच्चों को चित्रों के माध्यम से कहानी लिखने की कला सिखाई गई.
बतादें, ये बुक फेयर 6 जनवरी से 14 जनवरी तक प्रगति मैदान में चलेगा. इस
बुक फेयर में होने वाले वाले प्रोग्राम: न्यू दिल्ली राइट्स टेबल, ऑथर्स कॉर्नर, चिंड्रन पेवैलियन और क्लचरल प्रोग्राम है.