अपने जीवन संघर्षों को लेकर चर्चा में रहने वाले साल 2000 बैच के आईपीएस अधिकारी बसंत रथ इस बार अपने निलंबन को लेकर चर्चा में हैं. IPS अधिकारी बसंत रथ जम्मू और कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह के साथ एक विवाद को लेकर चर्चा में थे. गृह मंत्रालय ने कहा है कि बसंत रथ को खराब व्यवहार के कारण निलंबित कर दिया गया है. आइए जानते हैं कौन हैं बसंत रथ. क्या है यह पूरा विवाद.
ओडिशा के भुवनेश्वर में बीते दिनों आयोजित इंडिया टुडे माइंड रॉक्स में जम्मू- कश्मीर में तैनात लोकप्रिय आईपीएस और ट्रैफिक चीफ बसंत रथ ने शिरकत की थी. यहां उन्होंने अपने बारे में बताया था कि कैसे ओडिशा का एक लड़का जम्मू कश्मीर में जाकर काम करता है और वहां के लोगों के दिल जीत लेता है.
बसंत रथ बैच 2000 के IPS ऑफिसर हैं. 46 साल के बसंत रथ का जन्म भले ही ओडिशा में हुआ है लेकिन उन्होंने अपने काम से जम्मू- कश्मीर में अपनी साख बनाई थी. उनका कहना है कि जम्मू-कश्मीर के लोग मेरे लोग हैं. बसंत रथ ने बताया था कि आज मैं जो भी कुछ बन पाया हूं वह अपनी मां की वजह से ही बन पाया हूं. उन्होंने बताया मेरा बचपन गरीबी में बीता. आगे उन्होंने कहा- जब घर में खाने को नहीं होता था तो कैसे उनकी मां बताती थी आज व्रत रखने का दिन है.
चप्पल पहन कर की थी ग्रेजुएशन, नहीं थे जूते खरीदने के पैसे
बसंत रथ के मुताबिक उनका पूरा बचपन गरीबी में बीता. जब वह कॉलेज में पढ़ाई कर रहे् थे उस दौरान उनके पास दो जोड़ी जूते तक नहीं थे. उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन के दौरान एक भी बार जूते नहीं पहने थे.
ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने 18 से 20 रुपये की बाटा की चप्पल ही पहनी थी.
उन्होंने कहा कि उस दौरान मेरे पास इतने पैसे नहीं थे कि मैं खुद के लिए दो जोड़ी जूते
खरीद लूं. अपने संघर्षों की कहानी से बसंत रथ युवाओं को हमेशा प्रेरणा देने का काम करते रहे.
यहीं नहीं, उन्होंने बताया जब मैं मास्टर्स की पढा़ई कर रहा था. उस समय तक
मैं हकलाता था. यहां तक मुझे इंग्लिश भाषा भी सही से बोलना नहीं आता था.
वहीं उन्होंने बताया कि इंग्लिश सिर्फ एक भाषा है इसे आप बोल सकते हैं,
लेकिन इससे सीख नहीं सकते. इंग्लिश बोलने का मतलब ये नहीं है कि आप एक
अच्छे इंसान बन गए हैं.
अंत में उन्होंने युवाओं को सलाह देते हुए कहा था "टॉपर्स के पीछे न भागें.
मेरी सलाह है कि ऐसे लोगों के पीछे भागें जो असल में मेहनती होते हैं और
अपने काम में भरोसा करते हैं. बॉयफ्रेंड. गर्लफ्रेंड इंतज़ार कर सकते हैं.
अपनी पढ़ाई पर गंभीरता से ध्यान दें.
मंगलवार शाम को जारी आदेश में कहा गया है कि साल 2000 बैच के आईपीएस अधिकारी को तुरंत श्रीनगर में पुलिस मुख्यालय से अटैच कर दिया गया था. केंद्र शासित प्रदेश में इंस्पेक्टर जनरल (IG) के रूप में तैनात बसंत रथ को जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ने के लिए कहा गया है.
बता दें कि बसंत रथ ने हाल ही में एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने जम्मू और कश्मीर पुलिस प्रमुख की कुछ गतिविधियों के कारण अपनी सुरक्षा के बारे में चिंता व्यक्त की थी.