यो-यो टेस्ट की शुरुआत दूसरे छोर से होती है क्योंकि पहले छोर से दूसरे छोर की बीच सिर्फ पैदल चलना होता है. इसके बाद खिलाड़ी दूसरे छोर तक तेजी से दौड़ लगाता है. फिर उन्हें तीसरे छोर से वापस आना पड़ता है. इसके बाद खिलाड़ी 5 मीटर की लेन में पैदल चलते हैं ताकि उस समय वह अपनी सांस को बैलेंस कर सके. इसके बाद फिर खिलाड़ी दूसरे छोर से तीसरे छोर तक तेजी से दौड़ लगाते हैं और फिर वापस आ जाते हैं. बता दें, यह पूरी प्रक्रिया सॉफ्टवेयर पर आधारित है, जिसमें नतीजे रिकॉर्ड किए जाते हैं.