उन्होंने बताया कि पापा और भाई ने मेरी पढ़ाई का काफी ख्याल रखा. जब मेरी यूपीएसई की मेंस परीक्षा चल रही थी उस दौरान मेरी मां अस्पताल में एडमिट थी. लेकिन इस बात की जानकारी मुझे नहीं दी गई. ताकि मैं किसी भी तरह से टेंशन ना लूं, जिसका असर मेरी पढ़ाई पर ना पड़े. प्रदीप ने बताया पिता ने घर ही नहीं बल्कि गांव की बिहार के गोपालगंज की पुश्तैनी जमीन भी मेरी पढ़ाई के खातिर बेच दी ताकि दिल्ली में मुझे किसी भी तरह से पैसों की दिक्कत ना हो. बता दें, प्रदीप का जन्म बिहार में हुआ था, जिसके बाद वह इंदौर शिफ्ट हो गए थे.