BPSC में तीसरा स्थान लाकर दरभंगा के अनुराग आनंद ने न सिर्फ अपने जिले का बल्कि पूरे बिहार का मान बढ़ाया है. BPSC की परीक्षा में टॉप करने के बाद से उनके घर लक्ष्मीसागर में मानो खुशियों की बरसात हो गई. अनुराग आनंद ने अपनी इस सफलता के पल को सिर्फ अपने परिवार के साथ ही खुशियां बांटी.
फोन पर आज तक से बाद करते करते हुए खुद अनुराग आनंद ने बताया कि वो इस बार BPSC की परीक्षा में पहली बार शरीक हुए और टॉप थ्री में जगह प्राप्त की. रिजल्ट के बाद सभी लोग बेहद खुश हैं. उन्होंने बताया कि इस परीक्षा के लिए उन्होंने कभी निजी कोचिंग का सहारा नहीं लिया. उन्हें सोसल साइट को इसमें अपना मददगार बनाया और ज्यादातर तैयारी के मैटेरियल उन्होंने यहीं से निकाले और अपनी पढ़ाई जारी रखी. उन्हें पहली बार में ही सफलता मिल गई.
अनुराग ने बताया कि वो इससे पहले UPSC की परीक्षा में दो बार शामिल हुए लेकिन सफलता नहीं मिली. इसके बाद उन्होंने BPSC की परीक्षा की तैयारी शुरू की. अपनी स्ट्रेटजी के बारे में अनुराग बताते है कि उन्होंने रोजाना आठ से दस घंटा सेल्फ स्टडी की और इस पढ़ाई में परिवार के साथ साथ सभी दोस्तों का भी सहयोग मिलता रहा. अनुराग आनंद के पिता विजय कुमार झा SBI में बतौर CSE ब्रांच मैनेजर कार्यरत हैं और माता इंदु झा गृहणी हैं.
अनुराग ने बताया कि उन्होंने दरभंगा से ही प्रारंभिक शिक्षा की और दरभंगा के DAV स्कूल से दसवीं की परीक्षा पास की. इसके बाद बारहवीं की पढ़ाई रांची के विद्या मंदिर से की. यहां से बारहवीं पास होने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली चले गए और कॉम्पटिशन की तैयारी शुरू कर दी. साल 2016 में अनुराग ने IIT से बीटेक किया और UPSC की तैयारी में जुट गए.
इसी बीच उन्हें एक निजी बैंक से नौकरी का ऑफर भी आया लेकिन उन्होंने स्वीकार नहीं किया. दो बार UPSC की परीक्षा में असफल होने पर उन्हें थोड़ी निराशा हुई. इसके बाद निराशा के बादल हटे और अनुराग ने BPSC की परीक्षा की तैयारी करके परीक्षा दी. इसके बाद पहली बार में ही न सिर्फ सफल हुए बल्कि टॉप थ्री में स्थान भी पा लिया.