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बेटे को वर्दी में देखना चाहता था किसान पिता, पुलिस परीक्षा में टॉपर बना नरेश

राजस्थान में पुलिस की उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा 2021 का परिणाम जारी हो गया है. सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा परिणाम में सांचौर उपखंड क्षेत्र के मालवाड़ा के रहने वाले भेराराम विश्नोई के बेटे नरेश खिलेरी ने पूरे प्रदेश में पहली रैंक प्राप्त की है. वहीं, जालोर के निंबावास के रहने वाले प्रवीण सिंह ने पूरे प्रदेश मे दूसरी रैंक हासिल की है.

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किसान पिता का सपना था कि बेटा पुलिस में जाए.
किसान पिता का सपना था कि बेटा पुलिस में जाए.

राजस्थान में पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा 2021 का परिणाम जारी हो गया है. इसके बाद से सांचौर और जालौर एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा परिणाम में सांचौर उपखंड इलाके के मालवाड़ा के रहने वाले भेराराम विश्नोई के बेटे नरेश खिलेरी ने पूरे प्रदेश में पहली रैंक प्राप्त की है.

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वहीं, जालौर के निंबावास के रहने वाले प्रवीण सिंह ने पूरे प्रदेश मे दूसरी रैंक हासिल की है. परिणाम जारी होने के बाद दोनों प्रतिभाओं के घर बधाई देने कि लिए शुभचिंतकों का तांता लगा हुआ है. लोग नरेश और प्रवीण को मिठाई खिलाकर बधाई दे रहे हैं.

नरेश खिलेरी ने हासिल की पहली रैंक 

'आजतक' से प्रदेश टॉपर नरेश खिलेरी से बातचीत की. उन्होंने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव की सरकारी स्कूल में हुई थी. फिर उन्होंने जयपुर मे कोचिंग लेकर चार-पांच प्रतियोगी परीक्षा मे भाग लिया था. उसमें वो संस्कृत शिक्षा स्कूल में कनिष्ठ सहायक पद पर चयनित हुए थे. इसके बाद सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में भाग लिया और पूरे प्रदेश में पहली रैंक से सिलेक्ट हुए हैं.

पूरे प्रदेश मे पहली रैंक प्राप्त की.
नरेश के पहली रैंक लाने पर बधाई देने पहुंच रहे हैं शुभचिंतक.

सपना था कि बेटा पुलिस में जाए

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नरेश के बड़े भाई अरविंद खिलेरी व्याख्याता हैं. उनकी छोटी बहन संगीता लाइब्रेरियन के पद पर हैं. वहीं, उनकी माता गृहणी और पिता किसान हैं. नरेश के पिता भेराराम कहते हैं कि उनका सपना था कि उनका बेटा पुलिस में जाए. उनका सपना पूरा अब पूरा हो गया है. मगर, वह चाहते हैं कि बेटा और आगे तरक्की करे. 

जयपुर में रहकर कोचिंग की.
नरेश ने जयपुर में रहकर कोचिंग की.

बेटे के थानेदार बनने की खबर सुनने को थी आतुर- मां 

पिता जहां अपने दोनों बेटों को और आगे बढ़ते हुए देखना चाहते हैं. वहीं, नरेश की मां ने बताया कि वो चार दिन से बेटे के थानेदार बनने की खबर सुनने को आतुर थीं. परिणाम आने के बाद वो खुशी से झूम उठी हैं.

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