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NTA NEET Result 2020: NAT कैसे तैयार करेगा रिजल्ट-स्कोर कार्ड, जानें

NTA NEET Result 2020: इस साल AIIMS और JIPMER भी NEET अंकों के आधार पर UG मेडिकल सीटें भरेंगे. जानिए कैसे NEET में रैंक और स्कोर तैयार किया जाता है.

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NTA NEET result 2020
NTA NEET result 2020

NEET 2020 result and  score card: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के परिणाम की घोषणा अक्टूबर के पहले सप्ताह तक की जाएगी. एनटीए NEET परिणाम को ntaneet.nic.in पर स्कोरकार्ड के रूप में घोषित करेगा. 

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हालांकि, परिणाम घोषित करने से पहले, NTA NEET की आंसर-की भी जारी करेगा. उम्मीदवार इस आंसर-की के आधार पर इसे चैलेंज दे पाएंगे. एनटीए की ओर से मान्य चुनौतियों पर विचार किया जाएगा और इसके आधार पर परिवर्तन किए जाएंगे. इसके बाद NEET का रिजल्ट फाइनल आंसर की के आधार पर तैयार किया जाता है.

नीट रिजल्ट परिणाम तीन सेक्शन और ओवरऑल स्कोर में उम्मीदवारों के अंकों के आधार पर तैयार किया जाता है. इस रॉ स्कोर को पर्सेंटाइल स्कोर में बदल दिया जाता है, क्योंकि NEET के प्रश्न पत्रों के कई सेट होते हैं. इसमें  डिफिकल्टी लेवल के अनुसार नियम लागू होते हैं. 

NEET परिणाम में तीन प्रमुख हिस्से या घटक होते हैं - इसमें से पहला प्रवेश परीक्षा में प्रतिशत अंक, ओवर ऑल रॉ नंबर और इसके अलावा 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा कोटा (AIQ) काउंसलिंग. इसके लिए सबसे पहले, ओवर ऑल रॉ मार्क्स की गणना की जाती है जो कि पर्सेंटाइल स्कोर में बदलता है. फिर इसी पर्सेंटाइल स्कोर के आधार पर AIQ रैंकिंग तय होती है. 

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पर्सेंटाइल स्कोर का उल्लेख NEET स्कोरकार्ड में प्रत्येक तीनों सेक्शंस के लिए अलग-अलग किया जाएगा. इसके अलावा इसमें ओवरऑल पर्सेंटाइल स्कोर भी होता है. बता दें कि पर्सेंटाइल स्कोर वो स्कोर है जो यह निर्धारित करने के काम आता है कि उम्मीदवार 15 प्रतिशत AIQ काउंसलिंग के लिए योग्य है या नहीं. इसमें  जनरल / जनरल-ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए 50 पर्सेंटाइल एआईक्यू काउंसलिंग के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए न्यूनतम स्कोर है. वहीं SC / ST / OBC के लिए 40 प्रतिशत और PWBD के लिए 45 पर्सेंटाइल है. 

ये होगा बदलाव 
अब NEET स्कोरकार्ड में 720 अंकों में से परीक्षा में उम्मीदवारों के ओवरऑल रॉ स्कोर भी होगा. इसमें प्रत्येक सही उत्तर के लिए 4 अंक जोड़कर और प्रत्येक गलत के खिलाफ 1 अंक काटकर रॉ मार्क्स की गणना की जाती है. बता दें कि स्कोरकार्ड पर सेक्शन वाइज रॉ मार्क्स का उल्लेख नहीं किया गया है. 

ऐसे तय होती है रैंकिंग 

अंत में, 15 पर्सेंटाइल AIQ रैंक है. यह रैंक उन छात्रों को दिया जाता है जो आवश्यक न्यूनतम पर्सेंटाइल प्राप्त करते हैं. फिर  रैंकिंग ओवरऑल पर्सेंटाइल स्कोर के आधार पर की जाती है. अगर पर्सेंटाइल अधिक है तो इसका मतलब उच्च रैंक है. 

यदि दो या दो से अधिक अभ्यर्थियों को समान अंक प्राप्त होता है, तो जीव विज्ञान में उच्च अंकों के क्रम में टाई ब्रेकिंग किया जाता है. फिर भी यदि टाई बनी रहती है, तो रसायन विज्ञान में उच्च अंक टाई ब्रेकिंग के लिए माना जाता है. यदि समस्या फिर भी हल नहीं होती तो कम से कम नकारात्मक अंक वाले उम्मीदवारों को अधिक स्थान दिया जाता है. फिर भी यदि टाई हल नहीं होती तो उम्मीदवारों को उनकी उम्र के आधार पर रैंक किया जाता है, और पुराने उम्मीदवार को उच्च स्थान पर रखा जाता है. 

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