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MPPSC PCS Success Story: कभी अफसरों को ठोकते थे सलाम अब खुद डिप्टी कलेक्टर! पढ़ें 2nd टॉपर आदित्य की कहानी

MPPSC PCS 2nd Topper Aditya Narayan Tiwari: आदित्य बताते हैं कि उनकी तैयारी का सफर करीब 4-5 साल लंबा रहा. शुरुआती प्रयासों में सफलता नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. 2018 और 2020 के प्रीलिम्स में असफल होने के बाद उन्होंने 2019, 2021 और 2022 में क्वालीफाई किया. 2021 में सहकारिता निरीक्षक (co-operative inspector) के पद पर चयन भी हुआ.

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नर्मदापुरम के आदित्य नारायण तिवारी ने MPPSC PCS 2022 रिजल्ट में दूसरी रैंक हासिल की है.
नर्मदापुरम के आदित्य नारायण तिवारी ने MPPSC PCS 2022 रिजल्ट में दूसरी रैंक हासिल की है.

MPPSC PCS Success Story Aditya Narayan Tiwari: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने शनिवार को राज्य सेवा परीक्षा 2022 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है. इस भर्ती अभियान में कुल 394 उम्मीदवारों का चयन हुआ है जिसमें नर्मदापुरम के आदित्य नारायण तिवारी भी शामिल हैं. आदित्य ने पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है. आदित्य की यह सफलता उनके लंबे संघर्ष, कड़ी मेहनत और परिवार के निरंतर समर्थन की कहानी है. डिप्टी कलेक्टर बनने के लिए यह उनका पांचवा अटेंप्ट था.

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पिता के सपने ने बदली जिंदगी

आदित्य नारायण तिवारी ने बताया कि उनकी इस सफलता में उनके पिता का सबसे बड़ा योगदान रहा है. 2021 में जब आदित्य ने MPPSC परीक्षा में सहकारिता निरीक्षक के पद पर चयन पाया था, तब उनके पिता ने इस पर खुशी तो जताई, लेकिन मिठाई नहीं मंगवाई. उनका कहना था कि आदित्य को डिप्टी कलेक्टर बनना है. पिता के इस सपने ने आदित्य को प्रेरित किया और उन्होंने 2022 के MPPSC परीक्षा में दूसरी रैंक हासिल कर यह मुकाम हासिल किया.

लंबे संघर्ष की कहानी

आदित्य बताते हैं कि उनकी तैयारी का सफर करीब 4-5 साल लंबा रहा. शुरुआती प्रयासों में सफलता नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. 2018 और 2020 के प्रीलिम्स में असफल होने के बाद उन्होंने 2019, 2021 और 2022 में क्वालीफाई किया. 2021 में सहकारिता निरीक्षक (co-operative inspector) के पद पर चयन हुआ, लेकिन डिप्टी कलेक्टर बनने का सपना उन्हें आगे बढ़ाता रहा.

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परिवार का अटूट समर्थन

अपनी सफलता का श्रेय देते हुए आदित्य ने कहा कि उनके माता-पिता और परिवारजनों ने हमेशा उनका साथ दिया. विशेष रूप से उनकी बुआ और फूफा जी ने बचपन से उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया. आदित्य ने कहा, "मैं बचपन में सही तरीके से डी और बी का अंतर नहीं समझ पाता था, लेकिन मेरे परिवार के आशीर्वाद और समर्थन ने मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया."

पिता के गर्व का प्रतीक

आदित्य ने कहा, "मेरे पिता ने हमेशा मुझ पर विश्वास रखा. जब 2021 में सहकारिता निरीक्षक के पद पर मेरा चयन हुआ था, तब उन्होंने कहा था कि यह तो अच्छा है, लेकिन असली टास्क अभी बाकी है. यह उनका विश्वास और प्रेरणा ही थी, जिसने मुझे यह सफलता दिलाई."

युवाओं को संदेश

आदित्य ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा, "अपने परिवार पर विश्वास करें और अपनी मेहनत को निरंतर बनाए रखें. कोई भी सफलता कठिनाइयों के बिना नहीं मिलती, लेकिन यदि आप अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित हैं, तो सफलता अवश्य मिलेगी."

अंतिम लक्ष्य की ओर

वर्तमान में आदित्य हरदा में सहकारिता निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं. अब डिप्टी कलेक्टर बनने के बाद वह प्रदेश की प्रशासनिक सेवा में योगदान देने के लिए तैयार हैं. उनका मानना है कि यह उनकी यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन अभी उन्हें और बेहतर करना है. आदित्य नारायण तिवारी की यह कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. उनकी यह सफलता परिवार, मेहनत और विश्वास का जीता-जागता उदाहरण है.

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