पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न पहलुओं के अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं को बढ़ावा देने के मकसद से दिल्ली यूनिवर्सिटी जल्द ही एक पूर्वोत्तर भारत अध्ययन कार्यक्रम शुरू करेगी.
अध्ययन कार्यक्रम अगले सेशन से शुरू होने की उम्मीद है और यह पूरी तरह से वित्त पोषित होगा.
एनईआईएसपी के संयोजक कामेयी अफुन ने बताया कि पूर्वोत्तर के राज्यों के विभिन्न मुद्दों पर ध्यान बढ़ा है लेकिन शोध की कमी है, इसलिए, हमने यह कार्यक्रम शुरू करने का फैसला किया है.
उन्होंने कहा, हम एक विजन पर काम कर रहे हैं जिसे मंजूरी के लिए यूजीसी को पेश किया जाएगा.
डीयू के पाठ्यक्रम में पूर्वोत्तर अध्ययन को बड़ी जगह दिलाने की कवायद के साथ ही यूनिवर्सिटी अपने समाजशास्त्र विभाग के एमए और एमफिल कार्यक्रमों में पूर्वोत्तर अध्ययन पर पाठ भी शामिल करने की योजना बना रही है.