जम्मू कश्मीर में इस साल तीन महिलाओं सहित दस उम्मीदवारों ने इस बार प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा पास की जिसके परिणाम मंगलवार घोषित हुए थे. वहीं अनंतनाग के अतहर आमिर उल शफी खान ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया है.
जिन तीन महिलाओं ने परीक्षा पास की है उनमें सीमा नबी कासबा, दीबा फरहत और रूवेदा सालम कश्मीर घाटी की हैं. दीबा और रूवेदा ने पहले भी परीक्षा पास की थी सीमा ने दूसरे प्रयास में इस बार 209वां स्थान हासिल किया है.
श्रीनगर नगर निगम के पूर्व आयुक्त जी एन कासबा की बेटी सीमा ने कहा, यह मेरा दूसरा प्रयास था. 2014 में भी मैं आईएएस की परीक्षा में शामिल हुई थी लेकिन पास नहीं हो सकी. उन्होंने कहा, यह मेरे लिए काफी खुशी का क्षण है. सीमा ने यहां के प्रेजेंटेशन कॉन्वेंट स्कूल से प्रारंभिक पढ़ाई की और मलीनसन स्कूल श्रीनगर से उन्होंने उच्च माध्यमिक शिक्षा प्राप्त की.
इसके बाद उन्होंने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर से बीए एलएलबी किया और नई दिल्ली में एक विधि फार्म के साथ काम कर रही थीं. कड़ी मेहनत और अभिभावकों से सहयोग को अपनी सफलता का राज बताते हुए उन्होंने कहा, जब हम कड़ी मेहनत करते हैं तो भाग्य भी साथ देता है. कड़ी मेहनत का कोई शार्टकट नहीं है.
दक्षिण कश्मीर के बिजबेहरा की दीबा ने पिछले वर्ष 553 रैंक हासिल किया था और इस बार उन्होंने अपने प्रदर्शन को सुधारते हुए 281 रैंक हासिल किया. रूवेदा ने 2013 में जब यूपीएससी परीक्षा पास की तो वह घाटी से इस मुकाम तक पहुंचने वाली पहली महिला बनी थीं और फिलहाल वह चेन्नई में सहायक पुलिस आयुक्त हैं. इस बार उन्होंने 764वां रैंक हासिल किया है.
अतहर ने इस बार के प्रयास में दूसरी रैंक हासिल की है. 2014 में पहले प्रयास में उन्हें भारतीय रेलवे ट्रैफिक सर्विस मिला था और वर्तमान में वह लखनऊ के इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट में प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं.