बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान 140 से अधिक फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया है. ये परीक्षार्थी दूसरे परीक्षार्थी की जगह परीक्षा में बैठे हुए थे.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र राणा ने कहा, पटना के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर दूसरे की जगह परीक्षा देते 23 छात्रों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें एक महिला भी शामिल है.गिरफ्तार लोगों को उम्मीदवारों ने पैसे देकर परीक्षा में बैठाया था.'
पुलिस ने नालंदा में 21, भागलपुर में 20, नवादा में 18, बांका में 10, गया में नौ, रोहतास, खगड़िया और मधेपुरा में एक-एक, वैशाली, शेखपुरा, कैमूर और कटिहार में तीन-तीन जबकि सारण और बेगूसराय जिले में एक-एक व्यक्ति को दूसरे की जगह परीक्षा देते हुए गिरफ्तार किया है.
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, गिरफ्तारी के बाद सभी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें सात दिनों की न्यायायिक हिरासत में भेज दिया गया.' राणा ने कहा कि इस अपराध में शामिल गैंग तकनीकों का इस्तेमाल करता है.
उन्होंने कहा, 'गिरफ्तार लोगों के पास ब्लू टूथ से जुड़ने वाले मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं.' पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार लोगों ने कहा कि उन्हें परीक्षा देने के लिए प्रति परीक्षार्थी तीन से चार लाख रुपये भुगतान किया जाना था. पहली किश्त के रूप में उन्हें एक लाख रुपये दिए गए थे, जबकि बाकी राशि परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद दी जानी थी.
प्रदेश में 12 हजार सिपाहियों की भर्ती के लिए बिहार के 670 परीक्षा केंद्रों पर आठ लाख से ज्यादा परीक्षार्थी शामिल हुए.