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पैर नहीं हैं, हाथ में सिर्फ दो उंगलियां! फिर भी परीक्षा में किया कमाल

अगर कोई इंसान चाहे तो वो अपने परिश्रम से अपनी सारी कठिनाइयों और बंदिशों को मात देकर सफलता हासिल कर सकता है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

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अगर कोई इंसान चाहे तो वो अपने परिश्रम से अपनी सारी कठिनाइयों और बंदिशों को मात देकर सफलता हासिल कर सकता है. ओडिशा के 15 साल के बरजा कुमार दास ने ओडिशा की हाई स्कूल सर्टिफिकेट (एचएससी) परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर यह बात साबित की है. 

बरजा कुमार दास ओडिशा के केन्द्रपाड़ा जिले के रहने वाले है और जन्म से ही उनके पैर नहीं थे. दास ने कठिन परिश्रम से एचएससी की परीक्षा में ए 2 ग्रेड हासिल करके अपने इलाके का नाम रोशन किया है. हाल ही में जारी किए गए नतीजों में उन्होंने 600 में से 518 अंक हासिल किए हैं.

दास के जन्म से ही पैर नहीं हैं और उनके हाथों में केवल दो उंगलियां हैं. उन्हें अपनी इस कमी के कारण बचपन से ही कठिनाइओं का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने कभी हार न मानते हुए अपने जज्बे से हर कठिनाई को हरा दिया. उनके परिवार के एक सदस्य ने बताया कि दास अपनी दो उंगलियों से ही लिखते हैं.

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दास ने कहा कि जीवन उनके लिए एक चुनौती है जिसे उन्होंने स्वीकार किया है. अपनी कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता और अध्यापकों को समर्पित करते हुए उन्होंने बताया कि वे अध्यापक बनना चाहते हैं. केन्द्रपाड़ा के जिला शिक्षा अधिकारी उदयनाथ मांझी ने कहा कि दास अपनी मेहनत से परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करके सभी दिव्यांग बच्चों के लिए उदाहरण बन गए हैं.

दास के पिता दिहाड़ी मजदूर हैं और वे अपने बेटे की कामयाबी पर बहुत खुश हैं. दास की माता ने बताया कि वे दिन में 6 से 7 घंटे पढ़ाई करते थे और उनकी इस सफलता से उन्हें गर्व है. बरजा कुमार दास ने अपनी इस सफलता से सभी लोगों को जीवन में अपने जज्बे को हमेशा जीवित रखने की प्रेरणा दी है.  

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