दिल्ली यूनिवर्सिटी के 2015-16 एडमिशन प्रोसेस में कई नए रूल्स लागू होने वाले हैं. डीयू में एडमिशन लेने के इच्छुक स्टूडेंट्स अब यह जान लें कि एडमिशन प्रोसेस में अब एडिशनल एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को सीमित कर दिया गया है और यूनिवर्सिटी के क्राइटेरिया के अनुसार ही एडमिशन होगा.
जानिए क्या महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं:
होम साइंस अब होगा एकेडमिक सब्जेक्ट:
एडमिशन कमिटी ने अब तय किया है कि होम साइंस को एकेडमिक सब्जेक्ट माना जाएगा. इस सब्जेक्ट के मार्क्स बेस्ट फॉर में शामिल होंगे. पिछले साल यह कॉलेजों पर निर्भर करता था कि इस सब्जेक्ट को वह बेस्ट फोर में शामिल करेंगे या नहीं.
इंफॉर्मेटिक्स प्रैक्टिस: कंप्यूटर साइंस ऑनर्स कोर्स में एडमिशन के लिए इंफॉर्मेटिक्स प्रैक्टिस को अकैडमिक सब्जेक्ट माना जाएगा. इकनोमिक्स ऑनर्स और मैथ्स ऑनर्स में दाखिले के लिए मैथ्स सब्जेक्ट को जरूरी मान लिया गया है. जिन स्टूडेंट्स ने 12वीं मैथ्स सब्जेक्ट के साथ पास किया है, वे ही इन कोर्सेज में दाखिले के योग्य होंगे.
सेंट्रलाइज्ड फिटनेस टेस्ट: इस बार स्पोर्ट्स कोटे के एडमिशन के लिए यूनिवर्सिटी सेंट्रलाइज्ड फिटनेस टेस्ट कंडक्ट करेगा. फिटनेस टेस्ट के बाद कॉलेज में ट्रायल शुरू होगा.
ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन भी:
जून के पहले सप्ताह में एडमिशन प्रोसेस शुरू होगा. एडमिशन की शुरूआत ऑनलाइन से ही होगी, लेकिन उसके बाद कुछ दिनों के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो सकता है. जो स्टूडेंट ऑफलाइन फॉर्म लेंगे, उन्हें फॉर्म के साथ एक स्लिप भी दी जाएगी कि फॉर्म कैसे भरा जाए.
गर्ल्स को कटऑफ में सिर्फ 3 फीसदी की छूट
दिल्ली यूनिवर्सिटी के वे कॉलेज जो गर्ल्स को एडमिशन में छूट देना चाहते हैं वे अब सिर्फ तीन फीसदी की ही छूट दे सकते हैं. पिछले साल तक कई कॉलेज गर्ल्स को 5 फीसदी तक छूट दे रहे थे.