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गुड़गांव के सरकारी कॉलेज में टॉयलेट में हो रही है एमए की पढ़ाई

तेजी से विकास की सीढ़ी चढ़ने वाले गुड़गांव के एक कॉलेज में स्टूडेंट्स टॉयलेट में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं. न्यू रेलवे रोड पर स्थित द्रोणाचार्य सरकारी कॉलेज में क्लासरूम की इतनी कमी है कि टॉयलेट को क्लासरूम में तब्दील कर दिया गया है.

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Dronacharya Govt. College
Dronacharya Govt. College

तेजी से विकास की सीढ़ी चढ़ने वाले गुड़गांव के एक सरकारी कॉलेज में स्टूडेंट्स टॉयलेट में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं. न्यू रेलवे रोड पर स्थित द्रोणाचार्य गवर्नमेंट कॉलेज में क्लासरूम की कमी के चलते पिछले दो साल से टॉयलेट को ही अस्‍थाई क्‍लासरूम बना दिया गया है.

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कॉलेज के टॉयलेट में एमए सोशियोलॉजी की क्‍लास चलती हैं. इस पर कॉलेज के प्रिंसिपल आरके यादव का कहना है कि उनके पास सरकारी फंड की कमी है अौर इस वजह से वे क्‍लास नहीं बनवा पा रहे हैं. उनके मुताबिक, 'हमें कम से कम 25 क्लासरूम की जरूरत है. पिछले साल सरकार ने 12 क्लासरूम बनवाने की मंजूरी दी थी, लेकिन निर्माण कार्य के लिए फंड अभी तक नहीं मिला है.'

वहीं स्‍टूडेंट का कहना है कि न्‍यू आर्ट्स ब्‍लॉक के टॉयलेट में बैठकर क्‍लास करना अपमानजनक तो है, लेकिन धूप में बैठने से तो बेहतर है. उनका कहना है कि कॉलेज प्रशासन ने पिछले साल उनसे कहा था कि एक साल के अंदर-अंदर नए क्‍लासरूम बना दिए जाएंगे, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है.

यही नहीं क्‍लास के दौरान टॉयलेट से आने वाली बदबू से भी स्‍टूडेंट परेशान हैं. हालांकि टॉयलेट की रोजना सफाई की जाती है, लेकिन फिर भी कोई राहत नहीं मिलती. वे इस बात से भी दुखी हैं कि दूसरे कॉलेज के स्‍टूडेंट उन्‍हें टॉयलेट में पढ़ाई करने की वजह से बहुत चिढ़ाते हैं.

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