दिल्ली यूनिवर्सिटी का विवादास्पद फोर ईयर अंडर ग्रेजुएट प्रोग्राम (एफवाईयूपी) मामला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. सूत्रों के अनुसार विवादास्पद एफवाईयूपी प्रोग्राम को वापस लेने पर दिल्ली यूनिवर्सिटी के वीसी दिनेश सिंह के जवाब से मानव संसाधन विकास मंत्रालय संतुष्ट नहीं है. वहीं दूसरी तरफ दिल्ली यूनिवर्सिटी के वीसी दिनेश सिंह ने कहा है कि अगर मंत्रालय ने कारण बताओ नोटिस को वापस नहीं लिया तो वो कानून का सहारा लेंगे.
सूत्रों की मानें तो वीसी के नोटिस के जवाब पर मंत्रालय का कहना है कि सिंह के जवाब में कुछ नया नहीं है. यहां तक कि मंत्रालय तो इस पूरे मामले में सरकार के बड़े लॉ ऑफिसरों की सलाह भी ले रहा है.
मंत्रालय ने ऐसे कोर्स की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई और इसे लागू करने के लिए कोई तैयारी भी नहीं की गई.
सू़त्रों के अनुसार इस आधार पर कुलपति को दोषी ठहराया जा सकता है और उनकी दलील को भी खारिज कर दिया कि बीटेक कार्यक्रम के लिए एआईसीटीई के मंजूरी की जरूरत नहीं होती क्योंकि यह यूनिवर्सिटी द्वारा खुद पेश किए जाते हैं.