Manipur New Chief Secretary IAS Vineet Joshi: मणिपुर के अलग-अलग इलाकों में हिंसा की चिंगारी पहुंच रही है. इस बीच IAS ऑफिसर विनीत जोशी को बतौर मणिपुर चीफ सेक्रेटरी बनाकर खराब हालातों से निपटने के लिए भेजा है. आइए जानते हैं कौन हैं विनीत जोशी जो मणिपुर हिंसा में 'दूत' बनकर लोगों को बचाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे.
विनीत जोशी को मणिपुर में मिली ये जिम्मेदारियां
एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, मणिपुर सरकार ने रविवार को आईएएस ऑफिसर डॉ. विनीत जोशी को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है. उन्होंने डॉ. राजेश कुमार की जगह ली है. वे मणिपुर में चीफ विजिलेंस ऑफिसर और प्रिंसिपल रेजिडेंट कमिश्नर के रूप में भी काम करेंगे.
विनीत जोशी की नियुक्ति पर मणिपुर राज्यपाल खुश
कार्मिक मंत्रालय के 6 मई के आदेश में कहा गया है कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने मणिपुर सरकार के अनुरोध पर जोशी को उनके मूल कैडर में वापस भेजने की मंजूरी दे दी है. राज्य सरकार के कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग (कार्मिक प्रभाग) के एक आदेश के अनुसार, 'मणिपुर के राज्यपाल डॉ विनीत जोशी को तत्काल प्रभाव से मुख्य सचिव नियुक्त करते हुए खुश हैं."
IAS ऑफिसर विनीत जोशनी की शुरुआती पढ़ाई और करियर
विनीत जोशी ने एनी बेसेंट स्कूल, इलाहाबाद और जीआईसी, इलाहाबाद में शिक्षा प्राप्त की. उन्होंने आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स डिग्री हासिल की. वे 1992 बैच के मणिपुर में आईएएस अधिकारी थे.
इन विभागों में दी हैं सेवाएं
विनीत जोशी 1999 में युवा मामले और खेल मंत्रालय के तहत निजी सचिव बने. उसके बाद 2000 से 2001 तक मिनीस्ट्री ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में निजी सचिव बने. वर्तमान में, वे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के डायरेक्टर जनरल हैं और उच्च शिक्षा के अन्य कार्यक्षेत्रों के साथ-साथ उच्च शिक्षा अनुदान एजेंसी (HEFA) में ज्वाइंट सेक्रेटरी भी हैं.
अब तक 23,000 लोगों को बचाया गया
मणिपुर हिंसा में अब तक 54 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. अलग-अलग राज्यों की सरकारें मणिपुर में फंसे अपने राज्य के लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान चला रही हैं. हिंसा प्रभावित क्षेत्रों से 23,000 लोगों को बचाकर सैन्य छावनियों में ले जाया गया है. हाल ही में नागालैंड प्रशासन और इम्फाल में तैनात असम राइफल्स के जवानों ने 600 से ज्यादा लोगों को इन क्षेत्रों से सुरक्षित निकाला है. वहीं पश्चिम बंगाल ने 18 छात्रों को बचाया है. दिल्ली, यूपी, मध्य प्रदेश, बिहार समेत कई राज्य सरकारें अपने राज्य के लोगों को बचाने की कोशिश में उचित कदम उठा रही है.