अपने आसपास मौजूद समस्याओं से हार मानने के बजाय खास नई तकनीक या विचार के जरिए उनका हल खोजने वाले 28 नन्हें इनोवेटर बच्चों को पूर्व राष्ट्रपति डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम ने आईआईएम अहमदाबाद में अवार्ड दिए.
एनआईएफ की ओर से जारी बयान में कहा है कि इस मौके पर इन तकनीकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई. एनआईएफ की ओर से उपयुक्त प्रविष्टियों के लिए पेटेंट भी फाइल किए गए और इससे जुड़े दस्तावेज विजेता बच्चों को सौंपे गए. इग्नाइट-2014 के इन नन्हें विजेताओं ने वक्ता की आवाज के अनुरूप खुद को सेट कर लेने वाले माइक्रोफोन से लेकर पैरों के पास लगे बटन की मदद से किताब के पन्ने पलटने वाली मशीन तक तैयार की है.
इन बच्चों की उम्र महज 10 से 17 साल के बीच है और इनके द्वारा की गई इन खास खोजों को सालाना प्रतियोगिता इग्नाइट-2014 में चुना गया है.
इग्नाइट राष्ट्रीय स्तर की वार्षिक प्रतियोगिता है , जिसका आयोजन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के स्वायत्त राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान की ओर से कई संस्थाओं के साथ मिलकर किया जाता है. इस प्रतियोगिता में बारहवीं कक्षा तक के छात्र अपने नवोन्मेषी विचार या खुद विकसित की गई तकनीकें भेजते हैं.
इग्नाइट-2014 के लिए देशभर से कुल 27 हजार प्रविष्ठियां आई थीं और उनमें से इन 28 बच्चों की प्रविष्टियों को चुना गया है.