उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में अब छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाएगी. इसके लिए शिक्षिकाएं न केवल व्यक्तिगत रूप से हर छात्रा के संपर्क में रहेंगी, बल्कि उन्हें 'गुड और बैड टच' के बारे में समझाया जाएगा.
साथ ही स्कूलों की दीवारों पर महिला हेल्पलाइन और पुलिस कंट्रोल रूम के नंबरों को सार्वजनिक किया जाएगा. सर्व शिक्षा अभियान की राज्य परियोजना निदेशक शीतल वर्मा ने बेसिक शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर सभी परिषदीय स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा के इंतजाम कराने को कहा है. इसमें कहा गया है कि अक्सर छात्राएं स्कूल के रास्ते में खुद को असहज महसूस करती हैं.
उन्होंने कहा कि कई बार छेड़खानी और बदसलूकी से परेशान होकर छात्राएं स्कूल आने से ही परहेज कर जाती हैं. लिहाजा, ऐसी छात्राओं की सूची तैयार की जाए, जिनकी उपस्थिति पहले शत-प्रतिशत थी, मगर बाद में उन्होंने स्कूल आना बंद कर दिया. शिक्षिकाओं को इन छात्राओं के अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें स्कूल वापस लाने को कहा गया है.
इसके अलावा छात्राओं को जागरूक करने के लिए परिषदीय स्कूलों की दीवारों पर महिला हेल्पलाइन और पुलिस कंट्रोल रूम के नंबरों को भी सार्वजनिक कराया जाएगा. इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्कूलों की है. शिक्षिकाओं को भी कहा गया है कि वह ऐसा माहौल बनाने का प्रयास करें कि छात्राएं निसंकोच अपनी समस्या बता सकें.
इनपुट: IANS