दिल्ली सरकार ने मैनेजमेंट कोटे के बारे में अपना रुख साफ करते हुए कहा है कि क्राइटेरिया में सिबलिंग, गर्ल चाइल्ड और एल्युमनाई को प्वाइंट्स दिए जा सकते हैं, लेकिन इनमें से किसी में भी कोटा फिक्स नहीं किया जा सकता है.
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि स्कूल मैनेजमेंट कोटे के बारे में कन्फ्यूजन क्रिएट करने की कोशिश कर रहे हैं. कोटा और प्वाइंट्स दोनों अलग-अलग चीजें हैं, लेकिन स्कूल पैरेंट्स को बता रहे हैं कि दिल्ली सरकार के मुताबिक गर्ल चाइल्ड को प्वाइंट्स नहीं दिए जा सकते हैं, जबकि हमने ऐसा नहीं कहा है.
उन्होंने कहा कि स्कूलों को एडमिशन फॉर्मूला तय करने का अधिकार है. सिबलिंग और गर्ल चाइल्ड कैटेगरी में प्वांइ्टस दिए जा सकते हैं लेकिन कोटा तय नहीं होगा. 25 फीसदी कोटा सिर्फ ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के लिए है और 75 फीसदी सीटे ओपन रहेंगी.
शिक्षा मंत्री का कहना था कि स्कूलों को एडमिशन प्रक्रिया में सुधार करना होगा और उसे वेबसाइट पर डालना होगा. स्कूल अगर ऐसा नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ सरकार कार्रवाई करेगी. आपको बता दें कि इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविदं केजरीवाल ने एक प्रेस कांफ्रेंस में मैनेजमेंट कोटे के बारे में कहा था कि यह एक ऐसा कोटा है, जिसमें सबसे ज्यादा धांधली होती है और सरकार इसे खत्म कर रही है और जो स्कूल इस नियम को नहीं मानेंगे उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी.