दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति दिनेश सिंह अपने विवादास्पद कार्यकाल के दिनों पर एक पुस्तक लिखने की योजना बना रहे हैं.
सिंह ने कहा, मैंने वैश्विक स्तर और विश्वविद्यालय के स्तर पर कई चीजों को देखा. आप कई विचारों को सुनते हैं, कई लोगों से मिलते हैं, कई लोगों से बातें करते हैं... काफी लोग होते हैं और कई तरह की बातें होती हैं जिनके बारे में आपको पता नहीं होता है लेकिन ये आपको सोचने पर मजबूर करते हैं.
उन्होंने कहा, यह मेरे लिए, मेरे अपने फायदे में होगा कि मैं कुलपति बनने से लेकर जो कुछ सीखा उसे कलमबद्ध करने का प्रयास करूं. इसमें वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा कैसी होनी चाहिए, वह प्रदर्शित होगी. दिल्ली विश्वविद्यालय की स्थापना के 93 वर्षो के इतिहास में संभवत: सबसे अधिक विवादों से जुड़े रहे सिंह ने कहा कि विवाद उन्हें प्रभावित नहीं करते हैं क्योंकि उन्होंने महसूस किया है कि उन्हें ऐसे मुद्दों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा.
उन्होंने कहा कि जब आप ऐसे पद पर होते हैं तो आपको ऐसे कुछ मुद्दों से निपटना होता है. जब आप कुलपति बनते हैं तब आपको समझना होगा कि ऐसे मुद्दे सामने आयेंगे. चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम केे बारे में उन्होंने कहा कि एफवाईयूपी में कुछ भी नया नहीं था. कुछ लोग सोचते हैं कि यह एक नया विचार है... इस पद्धति को वैश्विक स्तर पर जांचा परखा गया है, ये सभी आज की शिक्षा की जरूरतों को पूरा करने के लिए हैं.
इनपुट: भाषा