दिल्ली-NCR में प्रदूषण खतरनाक स्तर को पार कर गया है. प्रदूषण के हालात को देखते हुए स्कूल के बच्चों की 14 और 15 नवंबर को दो दिनों की छुट्टी कर दी गई थी. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक बच्चे की हैंड राइटिंग में एक निबंध वायरल हो रहा है. ये निबंध दिल्ली के प्रदूषण पर लिखा गया है. इसमें बच्चे ने अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं. बच्चे ने प्रदूषण को दिल्ली का प्रमुख त्योहार कहा है. ये लेटर लोग एक व्यंग्य के तौर पर भी साझा कर रहे हैं.
पढ़ें- क्या है उस निबंध में
निबंध में लिखा है कि प्रदूषण दिल्ली का प्रमुख त्योहार है. यह हमेशा दिवाली के बाद शुरू होता है. इसमें हमें दिवाली से भी ज्यादा हॉलीडे मिलते हैं. दीवाली में हमें 4 हॉलीडे मिलते हैं. लेकिन प्रदूषण में हमें 6+2=8 हॉली डे मिलते हैं. इसमें लोग अलग-अलग मास्क पहनकर घूमते हैं. घरों में काली मिर्च, शहद व अदरक ज्यादा प्रयोग किए जाते हैं यह बच्चों के लिए अधिक प्रिय है.
बता दें कि स्टूडेंट ने स्कूलों की छुट्टी का जिक्र करते हुए छुट्टियों की खास वजह के बारे में बात की है. जिस तरह वायु प्रदूषण के चलते स्कूल दो बार बंद किए जा चुके हैं, इससे बच्चों के मन में भी प्रदूषण को लेकर एक समझ विकसित हो रही है. नर्सरी कक्षाओं के बच्चे भी पर्यावरण में फैल रहे जहर के खतरे भांपने लगे हैं. फिलहाल इस पत्र से तो ये ही जाहिर होता है. जैसे ही ये लेटर सोशल मीडिया पर डाला गया, उसे फेसबुक, ट्विटर से लेकर तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया है.
यूजर्स ने इस बारे में चिंताजनक टिप्पणियां भी दीं. लोगों ने बच्चों की समझ को बड़ों की समझ से बेहतर माना, तो कुछ लोगों ने साझा करते हुए लिखा कि प्रदूषण से जंग में आने वाली पीढ़ी ही हमें बचाएगी. यूजर्स ने निबंध को पढ़कर चिंता जताई कि वातावरण की स्थिति लगातार खराब हो रही है.
कई जगह पॉल्यूशन का स्तर 700 पार
इस बीच दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ता ही जा रहा है. द्वारका, पूसा रोड, सत्यवती कॉलेज, पंजाबी बाग में यह 700 तक पहुंच चुका है. वहीं गुड़गांव में कुछ जगह पीएम 2.5 का स्तर 800 पार है.