जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय आगामी शैक्षणिक सत्र से ग्रुप सी और डी के कर्मचारियों के बच्चों के लिए दाखिला कोटा पर काम कर रहा है. विश्वविद्यालय द्वारा इससे सबंधित ब्योरे पर काम करने के लिए गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट दे दी है.
जेएनयू के कुलपति एसके सोपोरी ने कहा, ‘अब समिति की रिपोर्ट जेएनयू के विभिन्न संकायों और विभागों को उनकी प्रतिक्रिया के लिए भेजी गई है. दोनों फाइलें पहले शैक्षणिक परिषद (एसी) के समक्ष रखी जाएंगी जो इस मुद्दे पर कोई निर्णय लेगी.’ विश्वविद्यालय के बच्चों को दाखिले का लाभ देने के प्रस्ताव पर अक्तूबर में परिषद की पिछली बैठक में चर्चा की गयी थी.
सोपोरी ने कहा, ‘शैक्षणिक कर्मचारियों की तरह वे (ग्रुप सी और डी कर्मचारी) आर्थिक समस्याओं के कारण अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों में भेजने में सक्षम नहीं हैं. उन्हें अपने बच्चों को कॉलेज की शिक्षा दिलाने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.’ उन्होंने कहा, ‘हमारी इसे आगामी शैक्षणिक सत्र से पेश करने की योजना है.’ समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, जेएनयू प्रस्तावित दाखिला कोटा के तहत हर साल अधिकतम चार या पांच सीटें आरक्षित करेगी. हालांकि, इन कर्मचारियों के बच्चों के लिए प्रवेश परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करना अनिवार्य होगा.
कुलपति ने कहा, ‘परीक्षा के जरिए उनका चयन होगा. यदि वे अच्छा करते हैं और न्यूनतम पात्रता से उपर रहते हैं तो केवल तभी उन्हें इस उक्त कोटा के तहत प्रवेश दिया जाएगा.’