केंद्र सरकार की 'सांप्रदायिक नीतियों' के खिलाफ आवाल उठाते हुए मलयालम लेखिका और कार्यकर्ता सारा जोसेफ ने साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटा दिया है.
ऐसा पहली बार हो रहा है कि देश में बढ़ रहे साम्प्रदायिक मुद्दों के खिलाफ प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केरल की किसी लेखिका ने कदम उठाया है.
इससे पहले जवाहर लाल नेहरू की भांजी और मशहूर लेखिका नयनतारा सहगल, ललित कला अकादमी के पूर्व अध्यक्ष अशोक वाजपेयी, हिंदी साहित्य के चर्चित कथाकार उदय प्रकाश ने प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी सम्मान लौटा दिया था. इनके अलावा उर्दू उपन्यासकार रहमान अब्बास ने भी अपना उर्दू साहित्य अकादमी अवॉर्ड लौटाने की घोषणा की है.