2017 में शिक्षा के क्षेत्र में कई ऐसे फैसले लिए गए हैं, जो कि शिक्षा क्षेत्र में बदलाव का गवाह बने. इन फैसलों में परीक्षा पैटर्न से लेकर शिक्षा के अहम ढांचे में कई परिवर्तन किए गए हैं. आइए जानते हैं इस साल कौन-कौन से अहम फैसले लिए गए हैं...
योग पाठ्यक्रम का हिस्सा- राजस्थान में योग को बढ़ाने के लिए सरकार कई तरह की योजनाओं को लागू करने की तैयारी में है. इसमें सबसे पहले छत्तीसगढ़ की तर्ज पर राजस्थान में भी योग आयोग के गठन पर सरकार ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है. इसके अलावा योग को स्कूली पाठयक्रम का हिस्सा बनाने की भी सरकार तैयारी कर रही है.
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दुनिया का सबसे बड़ा सर्वे- मानव संसाधन मंत्रालय ने दुनिया का सबसे बड़ा छात्र सर्वे करवाया है. एनसीईआरटी की ओर से करवाए गए इस सर्वे में 3, 5 और 8वीं कक्षा के 25 लाख छात्रों ने भाग लिया है. यह सर्वे देश में शिक्षा के स्तर को जानने के लिए करवाया गया है.
मदरसों में एनसीआरटी कोर्स- सरकार के अल्पसंख्यक विभाग ने एक आदेश जारी कर मदरसों के लिए बने पोर्टल पर तमाम जानकारियों को भेजना अनिवार्य कर दिया है. राज्य के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों को सरकारी साइट पर रजिस्टर कराना अनिवार्य कर दिया गया है.
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का गठन- विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन के लिए केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के गठन को मंजूरी प्रदान कर दी है. इससे सीबीएसई, एआईसीटीई, यूजीसी आदि शिक्षा के नियमन से जुड़ी एजेंसियों को परीक्षाओं के आयोजन की जिम्मेदारी से निजात मिलेगी. इंडियन सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत एनटीए का गठन किया जाएगा.
ICSE में पासिंग मार्क्स- CISCE बोर्ड ने ICSE-ISC परीक्षा में पासिंग मार्क्स में कमी कर दी है. अब उम्मीदवारों को पास होने के लिए 33 और 35 फीसदी अंक लाने होंगे, जबकि पहले 35 और 40 प्रतिशत अंक लाने होते थे.
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परीक्षाओं में आधार कार्ड अनिवार्य- विभिन्न बोर्ड परीक्षाओं व प्रवेश परीक्षाओं में आधार कार्ड को अनिवार्य करने का निर्णय किया गया. आदेश दिया गया कि छात्र-छात्राओं को प्रवेश पत्र के साथ आधार कार्ड लाना अनिवार्य होगा. इन परीक्षाओं में प्रतियोगी परीक्षाओं से लेकर बोर्ड परीक्षाएं तक शामिल हैं.
NEET में बदलाव- हाल ही में नीट के पेपर को लेकर हुए विवाद के बाद अब फैसला किया गया कि अब सभी भाषाओं में एक जैसा ही पेपर होगा.
CBSE के मुताबिक अब 2017-18 की परीक्षा में एक वोकेश्नल विषय अनिवार्य हो जाएगा।
नर्सरी एडमिशन में अपर एज लिमिट- नर्सरी एडमिशन के तहत पहली बार बच्चों के लिए कोई भी अपर एज लिमिट तय नहीं की गई है. गौरतलब है कि 2015 में दिल्ली सरकार ने नर्सरी दाखिले के तहत बच्चों की अपर एज लिमिट को हटाने की पहल की थी.
राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा में निगेटिव मार्किंग- एनसीईआरटी की ओर से आयोजित होने वाली राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा में अब नेगेटिव मार्किंग की व्यवस्था नहीं होगी.