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असम की धरती से PM मोदी का वार- हमारी चाय को बदनाम करने के लिए विदेशों में साजिश

असम में पीएम मोदी ने कहा कि आज देश को बदनाम करने के लिए साजिश रचने वाले इस स्तर तक पहुंच गए हैं कि भारत की चाय को भी नहीं छोड़ रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि आपने खबरों में सुना होगा ये साजिश करने वाले कह रहे हैं कि भारत की चाय की छवि को बदनाम करना है.

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असम के ढेकियाजुली में पीएम मोदी की रैली (फोटो- पीटीआई)
असम के ढेकियाजुली में पीएम मोदी की रैली (फोटो- पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 'साजिशकर्ता हमारी चाय को बदनाम करने तक आ गए'
  • चाय की पहचान पर हमला करने की फिराक में विदेशी ताकतें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे देश के खिलाफ साजिश करने वाले इस स्तर तक पहुंच गए हैं कि वो भारत की पहचान के साथ जुड़ी चाय को बदनाम करना चाहते हैं. 

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असम में पीएम मोदी ने कहा कि आज देश को बदनाम करने के लिए साजिश रचने वाले इस स्तर तक पहुंच गए हैं कि भारत की चाय को भी नहीं छोड़ रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि आपने खबरों में सुना होगा ये साजिश करने वाले कह रहे हैं कि भारत की चाय की छवि को बदनाम करना है.

योजनाबद्ध तरीके से भारत की चाय की छवि को दुनिया भर में बदनाम करना है. कुछ दस्तावेज सामने आए हैं, जिससे खुलासा होता है कि विदेश में बैठी ताकतें चाय के साथ भारत की जो पहचान जुड़ी है उस पर हमला करने की फिराक में हैं. 

हालांकि पीएम मोदी ने पर्यावरण के मुद्दों पर काम करने का दावा करने वाली ग्रेटा थनबर्ग का जिक्र नहीं किया, न ही उसके डिलीट ट्वीट का जिक्र किया. 

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ग्रेटा थनबर्ग ने किया था ट्ववीट

बता दें कि इस विवाद की शुरुआत स्वीडन की जानी-मानी पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग के एक ट्वीट से हुई. भारत में चल रहे किसानों के आंदोलन पर ट्वीट करते हुए ग्रेटा थनबर्ग ने लिखा था कि "अगर आप किसानों की मदद करना चाहते हैं तो आप इस टूलकिट की मदद ले सकते हैं."

इस टूलकिट में भारत की योग, चाय और विश्वगुरु वाली छवि को नुकसान पहुंचाने की चर्चा की गई थी. बता दें कि बाद में ग्रेटा ने इस पोस्ट को हटा दिया था लेकिन इससे पहले ही भारत में कई लोगों ने उसके ट्विटर पोस्ट का स्क्रीनशॉट ले लिया जो तुरंत वायरल हो गए. 

'क्या भारत की चाय पर ये हमला आपको मंजूर है'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के ढेकियाजुली में रविवार को एक रैली को संबोधित करते हुए इसकी चर्चा की. पीएम मोदी ने कहा कि क्या भारत की चाय पर ये हमला आपको मंजूर है? इस हमले के बाद चुप रहने वाले मंजूर हैं आपको? क्या हमला करने वालों की तारीफ करने वाले आपको मंजूर है. 

PM मोदी ने कहा कि हर किसी को जवाब देना होगा, जिन्होंने हिन्दुस्तान की चाय को बदनाम करने साजिश रची है. पीएम मोदी ने कहा, "इन सभी राजनीतिक दलों को हिन्दुस्तान का चाय बगान जवाब देगा. देश के लोग जवाब देंगे. पीएम मोदी ने कहा कि भारत की चाय पर किए जा रहे इन हमलों में इतनी ताकत नहीं है कि वे इन टी वर्करों का मुकाबला कर सकें."

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देश तोड़ने का मंसूबा कामयाब नहीं होगा

पीएम मोदी ने कहा कि वे असम की धरती से इन षडयंत्रकारियों से कहना चाहते हैं कि वे चाहे जितनी मर्जी साजिश कर लें, देश इनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगा. मेरा टी वर्कर इस लड़ाई को जीत रहेगा, इन हमलों में इतनी ताकत नहीं है कि वो हमारे टी गार्डन वर्कर का मुकाबला कर सकें. 

 

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