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असम चुनाव: पृथ्वीराज चव्हाण को कांग्रेस ने बनाया स्क्रीनिंग कमेटी का चेयरमैन, G-23 नेताओं में थे शामिल

असम में 27 मार्च से विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे. ऐसे में कांग्रेस ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को असम की स्क्रीनिंग कमेटी का चेयरमैन बनाया है. चव्हाण ने G-23 के नेताओं द्वारा लिखी गई चिट्ठी में हस्ताक्षर किए थे.

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पृथ्वीराज चव्हाण (फाइल फोटो)
पृथ्वीराज चव्हाण (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • चव्हाण G-23 नेताओं में थे शुमार
  • असम में तीन चरणों में होगा चुनाव

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को कांग्रेस ने अहम जिम्मेदारी सौंपी है. कांग्रेस ने पृथ्वीराज चव्हाण को असम की स्क्रीनिंग कमेटी का चेयरमैन बनाया है. G-23 के नेताओं में चव्हाण का नाम भी शामिल है. ऐसे में कांग्रेस द्वारा उन्हें स्क्रीनिंग कमेटी का चेयरमैन बनाए जाने के बाद पार्टी में सियासी सरगर्मी बढ़ सकती है.  

बता दें कि असम में 27 मार्च से विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे. असम में तीन चरणों में चुनाव होंगे. ऐसे में कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को असम की स्क्रीनिंग कमेटी का चेयरमैन बनाया है. उनके साथ रिपुन बोरा और जितेंद्र सिंह को भी अहम जिम्मेदारी सौंपी गई. गौरतलब है कि पृथ्वीराज चौहाण ने G-23 के नेताओं द्वारा लिखी गई चिट्ठी में हस्ताक्षर किए थे. हालांकि, गुलाम नबी आजाद के जम्मू-कश्मीर दौरे के दौरान पृथ्वीराज चव्हाण नजर नहीं आए थे. 

माना जा रहा है कि चव्हाण को अहम जिम्मेदारी सौंपकर कांग्रेस एक तरीके से G-23 नेताओं को संदेश दे रही है कि पार्टी उनकी अनदेखी नहीं कर रही. 

मालूम हो कि 126 सदस्यीय असम विधानसभा के लिए होने वाले चुनाव के पहले चरण का मतदान 27 मार्च को और अंतिम (तीसरा) चरण 6 अप्रैल को होगा. सभी चरणों के वोटों की गिनती 2 मई को होगी. वर्तमान असम विधानसभा का कार्यकाल 31 मई को समाप्त होने वाला है. ऐसे में असम में सरकार बनाने के लिए सभी दल पूरी ताकत से चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं. इस कड़ी में कांग्रेस ने पृथ्वीराज चौहाण को असम चुनाव के मद्देनजर स्क्रीनिंग कमेटी का चेयरमैन बनाया है. 

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बता दें कि राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद दिग्गज कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद इन दिनों जम्मू कश्मीर के दौरे पर हैं. 27 फरवरी को जम्मू में गुलाम नबी के साथ कांग्रेस के अन्य नेता भी जमा हुआ थे, जिन्हें G-23 कहा गया. इन नेताओं में कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा और राज बब्बर जैसे बड़े नाम शामिल हैं. गुलाम नबी की मौजूदगी में मंच से सिब्बल ने कहा था कि कांग्रेस कमजोर हो गई है, ये बात स्वीकार कर लेनी चाहिए. इसके साथ ही कांग्रेस नेताओं कांग्रेस हाईकमान सोनिया गांधी और राहुल गांधी को कड़ा संदेश दिया था.

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