भारत में एनआरसी को लेकर विपक्ष ने मोदी सरकार पर बहुत तीखे हमले किए हैं. इस लिस्ट में नामों को लेकर पक्षपात पर सवाल उठाए जाते रहे हैं. सरकार का कहना है कि इंतजार करना चाहिए. लेकिन इतने इंतजार के बाद क्या हुआ? क्योंकि असम में कुछ इलाकों में कई घर ऐसे हैं, जहां एक ही परिवार के कुछ सदस्यों का नाम एनआरसी की सूची में आया, लेकिन कुछ का नाम नहीं आया. तो क्या असम में CAA बनेगा चुनावी मुद्दा, ये जानने के लिए आजतक ने बात की उन लोगों से जो NRC की वजह से दिक्कतें झेल चुके हैं. देखिए ये एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट.