Om Prakash Yadav
BJP
Rao Narender Singh
INC
Ravinder Singh Matru
AAP
Nota
NOTA
Nar Singh
INLD
Suresh Kumar Saini
JJP
Umakant
IND
Krishan Kumar
IND
Tej Prakash
BSCP
Vikas
RTRP
Sabharam
IND
Krishan Kumar
IND
Narnaul सीट पर Om Prakash Yadav ने Rao Narender Singh को हराया, जानें किसे मिले कितने वोट
नजदीकी प्रतिद्वंद्वी को पछाड़ BJP कैंडिडेट Om Prakash Yadav निकले सबसे आगे
Narnaul सीट पर BJP उम्मीदवार सबसे आगे
Om Prakash Yadav, Rao Narender Singh से 6072 मतों से आगे
नजदीकी प्रतिद्वंद्वी को पछाड़ BJP कैंडिडेट Om Prakash Yadav निकले सबसे आगे
Om Prakash Yadav INC उम्मीदवार Rao Narender Singh से आगे
नारनौल हरियाणा में महेंद्रगढ़ जिले का मुख्यालय है. यह हरियाणा के 90 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में एक है. यह भारत के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित है. यह हिसार लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है।2001 की जनगणना के अनुसार, नारनौल की जनसंख्या लगभग 74,581 थी जिसमें पुरुष जनसंख्या का 53% और महिलाएं 47% हैं. नारनौल की औसत साक्षरता दर 68% है, जिसमें पुरुष साक्षरता 76% है, और महिला साक्षरता 58% है.2019 विधानसभा चुनाव परिणामबीजेपी के ओम प्रकाश यादव को 42,732 वोट मिले (जीते) जेजेपी के कमलेश सैनी को 28,017 वोट मिले कांग्रेस के नरेंद्र सिंह को 25,009 वोट मिले थेय2014 विधानसभा चुनाव परिणामबीजेपी के ओम प्रकाश यादव को 31,664 वोट मिले (जीते) इनेलो के कमलेश को 27,091 वोट मिलेकांग्रेस के नरेंद्र सिंह को 13,899 वोट मिले थे.
Kamlesh
JJP
Narender Singh
INC
Sitaram
SUCI(C)
Krishan Kumar
BSP
Daljeet Rajender Chetiwal
MAP
Nota
NOTA
Rajesh Kumar
INLD
Anubhav Saini
BSCP
Madan Lal
BMHP
हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए बहुमत का आंकड़ा 46 है. बीजेपी को 48 सीटों पर जीत मिली जबकि कांग्रेस 37 सीटें ही जीत सकी. कांटे के मुकाबले में 13 सीटें निर्णायक साबित हुईं, जहां मतगणना के दौरान दोपहर तक कांग्रेस पांच हजार या इससे कम वोट के अंतर से पीछे चल रही थी.
हरियाणा विधानसभा चुनाव में इस बार 13 महिला विधायक बनी हैं. मंगलवार को घोषित राज्य चुनाव परिणामों के अनुसार, 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा के लिए तेरह महिला उम्मीदवार चुनी गई हैं. 2019 के विधानसभा चुनावों के दौरान, आठ महिला उम्मीदवार विधायक चुनी गई थीं.
मानसून का मौसम अभी-अभी समाप्त हुआ है और एक बार फिर गुरुग्राम जिसे अक्सर "सहस्राब्दी शहर" के रूप में जाना जाता है. इसने खुद को बड़े पैमाने पर नागरिक अव्यवस्था से जूझता हुआ पाया. आधुनिकता और विकास का प्रतीक बनने की आकांक्षा रखने वाला यह शहर इन चुनौतियों से अपरिचित नहीं है.
हरियाणा की सिरसा सीट हॉट सीटों में शामिल थी, क्योंकि यहां से गोपाल कांडा चुनाव लड़ रहे थे. एयर होस्टेज गीतिका शर्मा सुसाइड मामले से चर्चा में आए कांडा हरियाणा ही नहीं देशभर में एक चर्चित नाम है.
Rania Chunav Parinam: हरियाणा के 90 सीटों पर हुए विधानसभा चुनाव में Rania सीट पर अर्जुन चौटाला ने कांग्रेस के सर्व मित्र को 4191 वोटों से हरा दिया. इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने अर्जुन चौटाला को मैदान में उतारा था.
अनिल विज ने हरियाणा के सीएम पद को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने सीएम पद को लेकर कहा है कि अनिल विज से अगर कह दिया जाये कि हिमालय पर चढ़ना है तो मैं हिमालय पर भी चढ़ जाऊंगा. मैं तो पार्टी की हर बात मानता हूं. अगर पार्टी चाहेगी तो मेरा इनकार नहीं है.
चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि अगर वह तीन-चार महीने पहले जेल से रिहा हो जाते, तो चुनाव के बाद उनकी पार्टी राज्य में अपनी सरकार बना लेती. पार्टी ने केजरीवाल को 'हरियाणा का लाल' के रूप में पेश किया और उनके नाम पर वोट मांगे. इसके बावजूद उनकी पार्टी खाता तक नहीं खोल सकी.
Haryana VIP Seats Results: हरियाणा में शुरुआती रुझानों में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिला, लेकिन जैसे-जैसे वोटों की गिनती आगे बढ़ी कांग्रेस की सीटों की संख्या घटती गई और बीजेपी का नंबरगेम बढ़ता गया. इस बार दुष्यंत चौटाला और उनके भाई दिग्विजय चौटाला चुनाव हार गए, जबकि उनके ताऊ अभय सिंह चौटाला को भी ऐलनाबाद सीट से हार ही मिली. VIP मानी जाने वाली लाडवा सीट से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, गढ़ी सांपला से भूपिंदर सिंह हुड्डा, जुलाना से विनेश फोगाट, हिसार से सावित्री जिंदल ने चुनाव जीत लिया है.
बीजेपी ने हरियाणा में रिकॉर्ड बना दिया है. पार्टी लगातार तीसरी बार यहां सरकार बनाने जा रही है. चुनाव आयोग के मुताबिक, बीजेपी ने यहां की 90 में से 48 सीटें जीत ली हैं. ऐसे में जानते हैं कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री बदलने का बीजेपी का फॉर्मूला कितना हिट रहा है?
हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा सीटों के नतीजे स्पष्ट हो चुके हैं. इस बार बीजेपी ने राज्य में हैट्रिक मार ली है. जबकि एक दशक बाद राज्य में सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही कांग्रेस के हाथ निराशा लगी है. इस चुनाव में मुख्य रूप से बीजेपी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, इनेलो-बसपा और जेजेपी-आजाद समाज पार्टी शामिल रहीं.