Krishan Kumar
BJP
Satbir Dablain
INC
Vidya Rani Danoda
INLD
Anil Ranga
AAP
Santosh Danoda
JJP
Maniram
CPI
Gurmail
IND
Nota
NOTA
Comrade Satyavir Singh
IND
Ram Lal Kalyan
AJP
Kitaba
IND
Narwana निर्वाचन क्षेत्र में Krishan Kumar ने 11499 वोटों से दर्ज की जीत
BJP उम्मीदवार 31320 वोट पाकर सबसे आगे
BJP उम्मीदवार ने नजदीकी प्रतिद्वंद्वी पर बनाई बढ़त
Krishan Kumar INC उम्मीदवार Satbir Dablain से आगे
BJP उम्मीदवार 17451 वोट पाकर सबसे आगे
Krishan Kumar ने Satbir Dablain पर ली 554 वोटों की बढ़त
नरवाना (एससी) हरियाणा के जींद जिले से सिर्फ 36 किमी दूर स्थित एक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र है. यह जींद जिले का हिस्सा है और अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित सीट है. 2011 की जनगणना के अनुसार नरवाना की जनसंख्या 62,090 थी. जनसंख्या में पुरुषों की संख्या 38,073 और महिलाओं की संख्या 34,017 है. नरवाना की औसत साक्षरता दर 77.22% है. 2019 तक इस क्षेत्र में सामान्य, विदेशी, प्रॉक्सी, डाक को मिला कर मतदाताओं की कुल संख्या 1,53,471 थी.2019 विधानसभा चुनाव परिणामजेजेपी के राम निवास सुरजाखेड़ा को 79,578 वोट मिले(जीते)बीजेपी की संतोष रानी को 48,886 वोट मिलेकांग्रेस की विद्या रानी को 14,045 वोट मिले थे.2014 विधानसभा चुनाव परिणामआईएनएलडी के पिरथी सिंह को 72,166 वोट मिले (जीते)बीजेपी की संतोष रानी को 63,014 वोट मिले कांग्रेस की विद्या रानी को 9,869 वोट मिले थे.t
Santosh Rani
BJP
Vidya Rani Danoda
INC
Sushil Kumar
INLD
Dharmvir
BSP
Vakeel Rashila
LKSK(P)
Suresh
IND
Nota
NOTA
Hardeep Singh
SWAI
Kapil
SHP
Naresh Kumar
PPI(D)
Vikas
IND
Mithun Singh
IND
हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए बहुमत का आंकड़ा 46 है. बीजेपी को 48 सीटों पर जीत मिली जबकि कांग्रेस 37 सीटें ही जीत सकी. कांटे के मुकाबले में 13 सीटें निर्णायक साबित हुईं, जहां मतगणना के दौरान दोपहर तक कांग्रेस पांच हजार या इससे कम वोट के अंतर से पीछे चल रही थी.
हरियाणा विधानसभा चुनाव में इस बार 13 महिला विधायक बनी हैं. मंगलवार को घोषित राज्य चुनाव परिणामों के अनुसार, 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा के लिए तेरह महिला उम्मीदवार चुनी गई हैं. 2019 के विधानसभा चुनावों के दौरान, आठ महिला उम्मीदवार विधायक चुनी गई थीं.
मानसून का मौसम अभी-अभी समाप्त हुआ है और एक बार फिर गुरुग्राम जिसे अक्सर "सहस्राब्दी शहर" के रूप में जाना जाता है. इसने खुद को बड़े पैमाने पर नागरिक अव्यवस्था से जूझता हुआ पाया. आधुनिकता और विकास का प्रतीक बनने की आकांक्षा रखने वाला यह शहर इन चुनौतियों से अपरिचित नहीं है.
हरियाणा की सिरसा सीट हॉट सीटों में शामिल थी, क्योंकि यहां से गोपाल कांडा चुनाव लड़ रहे थे. एयर होस्टेज गीतिका शर्मा सुसाइड मामले से चर्चा में आए कांडा हरियाणा ही नहीं देशभर में एक चर्चित नाम है.
Rania Chunav Parinam: हरियाणा के 90 सीटों पर हुए विधानसभा चुनाव में Rania सीट पर अर्जुन चौटाला ने कांग्रेस के सर्व मित्र को 4191 वोटों से हरा दिया. इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने अर्जुन चौटाला को मैदान में उतारा था.
अनिल विज ने हरियाणा के सीएम पद को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने सीएम पद को लेकर कहा है कि अनिल विज से अगर कह दिया जाये कि हिमालय पर चढ़ना है तो मैं हिमालय पर भी चढ़ जाऊंगा. मैं तो पार्टी की हर बात मानता हूं. अगर पार्टी चाहेगी तो मेरा इनकार नहीं है.
चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि अगर वह तीन-चार महीने पहले जेल से रिहा हो जाते, तो चुनाव के बाद उनकी पार्टी राज्य में अपनी सरकार बना लेती. पार्टी ने केजरीवाल को 'हरियाणा का लाल' के रूप में पेश किया और उनके नाम पर वोट मांगे. इसके बावजूद उनकी पार्टी खाता तक नहीं खोल सकी.
Haryana VIP Seats Results: हरियाणा में शुरुआती रुझानों में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिला, लेकिन जैसे-जैसे वोटों की गिनती आगे बढ़ी कांग्रेस की सीटों की संख्या घटती गई और बीजेपी का नंबरगेम बढ़ता गया. इस बार दुष्यंत चौटाला और उनके भाई दिग्विजय चौटाला चुनाव हार गए, जबकि उनके ताऊ अभय सिंह चौटाला को भी ऐलनाबाद सीट से हार ही मिली. VIP मानी जाने वाली लाडवा सीट से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, गढ़ी सांपला से भूपिंदर सिंह हुड्डा, जुलाना से विनेश फोगाट, हिसार से सावित्री जिंदल ने चुनाव जीत लिया है.
बीजेपी ने हरियाणा में रिकॉर्ड बना दिया है. पार्टी लगातार तीसरी बार यहां सरकार बनाने जा रही है. चुनाव आयोग के मुताबिक, बीजेपी ने यहां की 90 में से 48 सीटें जीत ली हैं. ऐसे में जानते हैं कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री बदलने का बीजेपी का फॉर्मूला कितना हिट रहा है?
हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा सीटों के नतीजे स्पष्ट हो चुके हैं. इस बार बीजेपी ने राज्य में हैट्रिक मार ली है. जबकि एक दशक बाद राज्य में सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही कांग्रेस के हाथ निराशा लगी है. इस चुनाव में मुख्य रूप से बीजेपी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, इनेलो-बसपा और जेजेपी-आजाद समाज पार्टी शामिल रहीं.