Chavan Ravindra Dattatray
BJP
Dipesh Pundlik Mhatre
SHS (UBT)
Nota
NOTA
Soniya Sanjay Ingole
VANBB
Surendrakumar Kalicharan Gautam
BSP
Sarita Sanjay More
IND
Rekha Narendra Redkar
IND
Anand Damodar
IND
Nilesh Sanap
RTRP
Dombivali में BJP ने SHS (UBT) को दी शिकस्त
Dombivali में BJP ने ली निर्णायक बढ़त
Dombivali सीट पर BJP उम्मीदवार सबसे आगे
Chavan Ravindra Dattatray SHS (UBT) उम्मीदवार Dipesh Pundlik Mhatre से आगे
Chavan Ravindra Dattatray ने Dipesh Pundlik Mhatre को पछाड़ा, अब सबसे आगे
BJP प्रत्याशी Chavan Ravindra Dattatray ने बनाई बढ़त
डोंबिवली विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र महाराष्ट्र राज्य के 288 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है. यह निर्वाचन क्षेत्र ठाणे जिले में स्थित है. निर्वाचन क्षेत्र में कल्याण तालुका के कुछ हिस्से शामिल हैं जो कल्याण डोंबिवली नगर निगम के वार्ड संख्या 57 से 65, 68 और 78 से 96 हैं. यह शहर आर्थिक रूप से विकासशील शहर है. डोंबिवली-कल्याण को मुंबई का उपग्रह शहर घोषित किया गया है और यह तेजी से विकास के साथ एक स्मार्ट सिटी भी बन रहा है. कल्याण के साथ डोंबिवली की साक्षरता दर महाराष्ट्र राज्य में सबसे अधिक 93% है. 2019 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में इश सीट से बीजेपी के रवींद्र चव्हाण ने जीत हासिल की थी. 2014 में भीबीजेपी की टिकट पर रवींद्र चव्हाण जीते थे.
Mandar Shrikant Halbe
MNS
Radhika Milind Gupte (ketkar)
INC
Nota
NOTA
Damodar Dnyanba Kakde
BSP
Dr. Amitkumar Anandrao Goilkar
SBP
Bhagwat Dhondiba Gaikwad
IND
पीएम मोदी के स्वागत में जेपी नड्डा ने कहा कि जनता ने बांटने वालों को जवाब दे दिया है. इन बांटने वालों को मुंह की खानी पड़ी है. जेपी नड्डा ने कहा कि संविधान के नाम पर वो लोग गुमराह करते रहे.
डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस का एक बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा, 'लोगों ने अपना जनादेश दे दिया है और लोगों ने एकनाथ शिंदे को असली शिवसेना के रूप में स्वीकार कर लिया है और अजित पवार को एनसीपी की वैधता मिल गई है.'
Maharashtra Election Results 2024 Constituency Wise Candidates List: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति गठबंधन ने बड़ी जीत हासिल की है. इस चुनाव में बीजेपी ने सबसे ज्यादा 132 सीटें जीती है. महाराष्ट्र में किस सीट पर कौन जीता और कौन हारा, नीचे दी गई लिस्ट में देख सकते हैं.
महाराष्ट्र चुनाव के आज जो नतीजे सामने आ रहे हैं वो हर किसी को हैरान कर रहे हैं. महायुति की जीत एक सुनामी की तरह है जिसमें महाविकास अघाड़ी का एक तरह से सूपड़ा साफ हो गया. सवाल है कि महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? ऐसा इसलिए क्योंकि BJP अकेले 130 से ज्यादा सीटों पर आगे है. देखें दंगल.
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के नतीजे अब सामने आ गए हैं. महायुति को 230 सीटों पर जीत मिली है, जबकि महाविकास अघाड़ी 48 सीटों पर सिमट गया है. महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों पर 20 नवंबर को एक चरण में चुनाव हुए थे. इस बार मुकाबला महायुति और महाविकास अघाड़ी के बीच है. महायुति में बीजेपी, शिवसेना (एकनाथ शिंदे) और एनसीपी (अजित पवार) शामिल है जबकि महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव ठाकरे) और एनसीपी (शरद पवार) शामिल हैं.
मालेगांव सेंट्रल सीट से एआईएमआईएम के मुफ्ती मोहम्मद इस्माइल ने जीत तो हासिल की लेकिन वो भी बेहद कम मार्जिन से. मुफ्ती मोहम्मद इस्माइल को 109653 वोट मिले. वहीं, उनके जीत का मार्जिन केवल 162 वोट का रहा. उन्होंने महाराष्ट्र की इंडियन सेक्युलर लार्जेस्ट असेंबली पार्टी ऑफ़ महाराष्ट्र से उम्मीदवार आसिफ शेख रशीद को हराया. उन्हें 109491 वोट मिले.
महाराष्ट्र के कोल्हापुर में विजयी जुलूस के दौरान हादसा हो गया. जहां जेसीबी से गुलाल उड़ाने के दौरान आग लग गई. जिससे विजयी इंडिपेंडेंट प्रत्याशी शिवाजी पाटील सहित 3-4 लोग घायल हो गए.
चुनावी नतीजों के बाद पीएम मोदी बीजेपी मुख्यालय पहुंचे. यहां पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस और उसके साथियों ने जम्मू कश्मीर में फिर से आर्टिकल 370 की दीवार बनाने का प्रयास किया है. महाराष्ट्र ने उनको साफ साफ बता दिया कि यह नहीं चलेगा. देखें.
जानकारों का कहना है कि डमी कैंडिडेट निर्दलीय उम्मीदवार रोहित चंद्रकांत की वजह से एनसीपी (एसपी) रोहित पवार के जीत का मार्जिन कम रह गया. निर्दलीय रोहित चंद्रकांत को 3489 वोट मिले. वहीं, काउंटिंग के वक्त आखिरी राउंड में कुछ तकनीकी मतों की वजह से रोहित पवार के 300 वोट से हार की बात सामने आई. हालांकि दोबारा काउंटिंग होने पर रोहित पवार 1243 वोट से विजय रहे.
महाराष्ट्र में ऐतिहासिक जीत के बाद पीएम मोदी नई दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों ने मराठी भाषा के प्रति भी हमारा प्रेम देखा है. कांग्रेस को वर्षों तक मराठी भाषा की सेवा का मौका मिला, लेकिन इन लोगों ने इसके लिए कुछ नहीं किया. हमारी सरकार ने मराठी को क्लासिकल लैंग्वेज का दर्जा दिया. मातृभाषा का सम्मान, संस्कृतियों का सम्मान और इतिहास का सम्मान हमारे संस्कार में है, हमारे स्वभाव में है.