हरियाणा विधानसभा चुनाव में नायब सिंह सैनी सरकार के 10 में से आठ मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा. विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता भी अपनी पंचकूला सीट से हार गए, जहां से कांग्रेस के चंद्र मोहन को जीत मिली. हरियाणा में सत्ता विरोधी लहर के बावजूद भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाने को तैयार है.
हालांकि बीजेपी के आठ मंत्री हार गए, जिनमें रणजीत सिंह चौटाला भी शामिल हैं, जिन्होंने पार्टी का टिकट नहीं मिलने के बाद रानिया से निर्दलीय चुनाव लड़ा और तीसरे स्थान पर रहे. यह सीट INLD के अर्जुन चौटाला को मिली, जिन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के सर्व मित्तर को 4,191 वोटों से हराया.
अंबाला शहर में हारे मंत्री असीम गोयल
रणजीत सिंह चौटाला ने बीजेपी के टिकट पर हिसार लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए थे. थानेसर में बीजेपी के सुभाष सुधा को कांग्रेस के अशोक अरोड़ा ने 3,243 वोटों के अंतर से हराया. नूंह में बीजेपी के संजय सिंह तीसरे स्थान पर रहे. यह सीट कांग्रेस के आफताब अहमद ने जीती, जिन्होंने INLD के ताहिर हुसैन को 46,963 वोटों से हराया.
बीजेपी के असीम गोयल, जो सैनी कैबिनेट में मंत्री भी थे, अंबाला शहर में हार गए. वह कांग्रेस उम्मीदवार निर्मल सिंह मोहरा से 11,131 वोटों के अंतर से हार गए. हिसार में बीजेपी के कमल गुप्ता भी हार गए. निर्दलीय उम्मीदवार सावित्री जिंदल ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस पार्टी के राम निवास रारा को हराकर सीट जीती.
पानीपत ग्रामीण में बीजेपी जीती
जगाधरी सीट पर भाजपा के कंवर पाल को कांग्रेस के अकरम खान के हाथों हार का सामना करना पड़ा, जिन्होंने 6,868 मतों के अंतर से जीत हासिल की. लोहारू में भाजपा के जय प्रकाश दलाल को कांग्रेस प्रत्याशी राजबीर फरतिया ने 792 वोटों से हराया.
नांगल चौधरी सीट से बीजेपी के अभे सिंह यादव को कांग्रेस की मंजू चौधरी ने 6,930 वोटों के अंतर से हरा दिया. हालांकि, पानीपत ग्रामीण सीट से बीजेपी के महिपाल ढाना ने कांग्रेस पार्टी के सचिन कुंडू को 50,212 वोटों के अंतर से हराया. बल्लभगढ़ में बीजेपी के मूलचंद शर्मा ने निर्दलीय उम्मीदवार शारदा राठौड़ पर 17,730 वोटों से जीत दर्ज की.