महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग होने में कुछ ही दिन बचे हैं और ऐसे में तमाम दल मतदाताओं को अपने पाले में रिझाने में लगे हुए हैं. तमाम दलों के प्रमुख नेता चुनावी रैलियां कर अपने लिए समर्थन जुटा रहे हैं या मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं.
इस कड़ी में मुंबई में आज कांग्रेस शासित राज्यों के दो मुख्यमंत्री और एक उपमुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार भी मौजूद थे. इन नेताओं ने आरोप लगाया कि बीजेपी औऱ महायुति ने अपने राज्यों में किए हुए वायदों को पूरा नहीं किया है.
'बीजेपी ने अपने वायदे नहीं किए पूरे'
मीडिया से बात करते हुए डीके शिवकुमार ने कहा, 'महायुति के नेता हमारे राज्य में आएं और देखें कि कैसे कांग्रेस की कल्याण नीतियां लोगों का भला कर रही हैं.' वहीं तेलंगाना के सीएम ने कहा, 'इन 10 महीनों में हमारी सरकार ने प्रदेश के युवाओं को 50,000 नौकरियां दिलवाई हैं.'
सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि महाराष्ट्र में बीजेपी के पास दावा करने लायक कोई सक्सेस स्टोरी नहीं है. उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि बड़ी टिकट निवेश प्रोजेक्ट्स महाराष्ट्र से गुजरात में ट्रांसफर किए जा रहे थे.
वहीं हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य में उनकी सरकार द्वारा पुरानी पेंशन योजना के कारण काफी लोगों को फायदा हुआ है. उन्होंने कहा, 'ये महाराष्ट्र की जनता को तय करना है कि पैसे के दम पर सरकार गिराना लोकतंत्र है या नहीं.' कांग्रेस पार्टी महाराष्ट्र विधानसभा में महाविकास अघाड़ी (MVA) के साथ चुनाव लड़ रही है. MVA में कांग्रेस, शिवसेना (UBT) और NCP (शरद पवार) शामिल हैं.
कब है महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव?
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग 20 नवंबर को होगी. महाराष्ट्र, झारखंड और अन्य उपचुनावों के नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे. महाराष्ट्र में इस समय दो मुख्य गठबंधन के बीच मुकाबला है जिसमें MVA और महायुति शामिल हैं. महायुति में बीजेपी, शिवसेना (एकनाथ शिंदे)और NCP (अजित पवार) शामिल हैं.