हरियाणा विधानसभा में करारी हार के बाद कांग्रेस लगातार निर्वाचन आयोग पर हमलावर है. इसी बीच लोहारू विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेसी उम्मदीवार राजबीर ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है. उन्होंने अपने पत्र में अधिकारियों पर लोहारू विधानसभा के चुनाव परिणाम को बदलने की साजिश का आरोप लगाया है. उनके इस पत्र को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने सोशल मीडिया एक्स पर साझा किया और निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं.
लोहारू से कांग्रेसी प्रत्याशी ने अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उटाते हुए पत्र में लिखा,मेरे (राजबीर सिंह) जीत की घोषणा के बाद भी दो-तीन बार रिकाउंटिंग कराई जा रही है और परिणाम को बदलने की साजिश की जा रही है. उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले में तुरंत कार्यवाही करने की मांग की है.
'मुझे मतगणना केंद्र पर बनाया बधक'
कांग्रेस नेता ने बताया कि आठ अक्टूबर को हरियाणा विधानसभा चुनाव की मतगणना पूरी हो चुकी है, जिसमें लोहारू विधानसभा क्षेत्र से मुझे 792 वोटों से विजय घोषित किया गया है. जिसका रिजल्ट को इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट व सभी मुख्य समाचारों में भी प्रचारित हो चुका है, लेकिन मेरी विधानसभा की पहले पांच मशीनों की फिर से गिनती कराई गई और उसके बाद आठ मशीनों की रिकाउंटिंग कराई गई. अब पूरे हल्के की रिकाउंटिंग करवाई जा रही है. जिससे बैलेट पेपर की वोटों से छेड़छाड़ का अंदेशा है, क्योंकि मेरे विरोधी उम्मीदवार बीजेपी के वित्त मंत्री जेपी दलाल हैं. जिनको गलत तरीके से चुनाव में जीत दिलाने की नियत से ये तमाम गैर कानूनी कार्यवाही की जा रही है. मुझे मेरी जीत का प्रमाणपत्र न देकर मतगणना केंद्र के अंदर बंधन बना लिया गया है. साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग से जीत का प्रमाणपत्र दिलवाने की मांग की है.
इससे पहले पवन खेड़ा ने जम्मू-कश्मीर चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 10 साल बाद जम्मू-कश्मीर में चुनाव हुआ...यह ऐतिहासिक चुनाव था और जम्मू-कश्मीर के निवासियों ने स्पष्ट जनादेश दिया. आज भी हम विचार करते हैं. एक राज्य के रूप में मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों को बधाई देता हूं, उन्होंने इस चुनाव में बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और उन लोगों को करारा जवाब दिया. जिन्होंने जम्मू-कश्मीर की गरिमा को छीनने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी पूर्ण राज्य और इसे केंद्र शासित प्रदेश बनाना अपने आप में अप्रत्याशित था.
बीजेपी ने जीतीं 48 सीटें
आपको बता दें कि हरियाणा में बीजेपी ने 48 सीटों पर जीत दर्ज कर तीसरी बार सत्ता में वापसी की है, जबकि कांग्रेस ने 37 सीटों पर जीत हासिल की है. वहीं, साढ़े चार साल तक सत्ता में साझेदार रही जेजेपी का सूपड़ा साफ हो गया है.