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दिल्ली चुनाव को मद्देनजर आम आदमी पार्टी ने दो सीटों पर उम्मीदवारों को बदला है. नरेला से मौजूदा विधायक शरद चौहान को एक बार फिर टिकट दिया गया है. यहां से पहले दिनेश भारद्वाज के नाम का ऐलान किया गया था. वहीं हरिनगर से राजकुमार ढिल्लों का टिकट काटकर सुरिंदर सेतया को उम्मीदवार बनाया गया है.
AAP ने सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं. इस बार AAP ने 20 सिटिंग विधायकों के टिकट काटे थे, जबकि तीन विधायकों की जगह उनके घर वालों को टिकट दिया गया. टिकट कटने वाले विधायकों में शरद चौहान भी थे, जिन्हें आखिरी मौके पर फिर से टिकट दे दिया गया है. इसके अलावा अरविंद केजरीवाल ने दूसरे दलों से आए कई नेताओं को भी मौका दिया है.
AAP के प्रत्याशियों की लिस्ट की बात की जाए तो पहली लिस्ट में 11 में से छह उम्मीदवार दूसरे दलों से आए हुए उम्मीदवार थे, वहीं दूसरी लिस्ट में 15 सिटिंग विधायकों के टिकट काटे गए. तीसरी लिस्ट में कैलाश गहलोत की जगह तरुण यादव को उम्मीदवार घोषित किया गया. इसके अलावा फाइनल लिस्ट में लगभग सभी उम्मीदवारों को रिपीट किया गया. इनमें से कस्तूरबा नगर के विधायक का टिकट कटा और उत्तम नगर से विधायक नरेश बालियान की जगह उनकी पत्नी को टिकट दिया गया.
तीन विधायकों के बेटों-पत्नी को टिकट
एक ओर जहां आम आदमी पार्टी ने कई सिटिंग विधायकों के टिकट काटे तो तीन ऐसी सीटें भी हैं, जहां विधायकों के बेटों और पत्नी को टिकट दिया है. कृष्णा नगर सीट पर एसके बग्गा की जगह उनके बेटे विकास बग्गा को AAP ने टिकट दिया. इसी तरह चांदनी चौक सीट पर प्रह्लाद साहनी की जगह उनके बेटे पुरुनदीप साहनी को मौका मिला. वहीं उत्तम नगर सीट से विधायक नरेश बालियान फिलहाल रंगदारी और वसूली वाले मामले में जेल में हैं, इसी वजह से AAP ने उनकी पत्नी पोश बालियान को टिकट दिया है.
पहली लिस्ट में 11 में से छह बाहरी प्रत्याशी
वहीं अगर टिकट कटने की बात की जाए तो पहली लिस्ट में तीन सिटिंग विधायकों का टिकट काटा गया. इसके बाद सबसे ज्यादा छंटनी दूसरी लिस्ट में हुई. इस लिस्ट में 15 सिटिंग विधायकों का टिकट कटा. तीसरी लिस्ट में सिर्फ एक ही उम्मीदवार का ऐलान था. हालांकि चौथी लिस्ट में 38 उम्मीदवारों का ऐलान हुआ है, लेकिन इसमें सिर्फ कस्तूरबा नगर के सिटिंग विधायक मदन लाल का टिकट कटा.
इस बार के चुनाव में आम आदमी पार्टी इसलिए और चर्चा में रही क्योंकि जिस तरह नेताओं का दल-बदल करने का वो विरोध करती रही, इस चुनाव में उसने ऐसे नेताओं को मौके दिए. AAP की पहली लिस्ट में 11 उम्मीदवारों के नाम थे, जिनमें छह उम्मीदवार दूसरे दलों (बीजेपी से 3, कांग्रेस से 3) से आए हुए थे.